परिपाठ — महाराष्ट्रातील शाळांसाठी दैनंदिन शालेय परिपाठ
दररोजचा सुविचार, दिनविशेष, पंचांग, बातम्या, प्रार्थना, बोधकथा आणि शैक्षणिक साहित्य — सर्व एकाच ठिकाणी
आजचे विशेष
मंगळवार, 18 ऑगस्ट 2026सुविचार
→❝ शब्दों से दुनिया बदली जा सकती है।Meaning_en: Words possess an immense power to bring about change.Meaning_hi: शब्दों में बदलाव लाने की अपार शक्ति होती है।person_ref:{"slug":"g-d-madgulkar","name_mr":"ग. दि. माडगूळकर","auto_create":true,"birth_date":"1919-10-01","death_date":"1977-12-14","name_en":"G. D. Madgulkar","name_hi":"G. D. Madgulkar","person_type":"Poet/Lyricist","short_bio_en":"Known as the modern Valmiki of Marathi literature.","short_bio_mr":"मराठी साहित्यातील आधुनिक वाल्मिकी म्हणून ओळखले जाणारे.","wikipedia_url":"https://en.wikipedia.org/wiki/G._D._Madgulkar"} ❞
शब्दांमध्ये खूप मोठी शक्ती असते.
पंचांग
→संस्कृत सुभाषित
सर्व पहा →म्हणोनि समर्थें जे कीजे । तेंचि आचरिजे । येरें लोकें ॥
📖 विस्तार →म्हणून थोर किंवा श्रेष्ठ माणसे जे काही करतात, त्याचेच अनुकरण इतर सामान्य लोक करतात.
म्हणौनि या शरीरा। नाश आहे पैं वीरा। परी नित्य हा अवधारा। आत्मा एकु॥
📖 विस्तार →म्हणून हे अर्जुना, या शरीराचा नाश होणे अटळ आहे, पण आत्मा हा कायम टिकणारा आणि अविनाशी आहे हे तू पक्के लक्षात ठेव.
दिन विशेष 25
सर्व पहा →
वसंतराव नाईक यांचे निधन
1979
आयआयटी खडगपूरचे उद्घाटन
1951
नेताजी सुभाषचंद्र बोस यांचे निधन (कथित)
1945
गुलजार यांचा जन्म
1934
विष्णू दिगंबर पलुस्कर यांचा जन्म
1872
हेलियम वायूचा शोध
1868
थोरले बाजीराव पेशवे यांचा जन्म
1700कोफी अन्नान यांचे निधन
2018नाटो हवाई हल्ला (अफगाणिस्तान)
2012परवेझ मुशर्रफ यांचा राजीनामा
2008पर्सीस खंबाटा यांचे निधन
1998बी. एस. माधव राव यांचे निधन
1990एन. एच. अंताणी यांचे निधन
1980डी. व्ही. गुंडप्पा यांचे निधन
1975गर्भनिरोधक गोळीची पहिली विक्री
1960निर्मला सीतारामन यांचा जन्म
1959संदीप पाटील यांचा जन्म
1956विजयसिंग पथिक यांचे निधन
1954प्रीती गांगुली यांचा जन्म
1949श्रीराम शंकर अभ्यंकर यांचा जन्म
1923रत्नप्पा कुंभार यांचा जन्म
1909विजय सिंग पथिक यांचा जन्म
1900फ्रांझ जोसेफ १ यांचा जन्म
1830फोर्ट विल्यम कॉलेजची स्थापना
1800चंगेज खानचे निधन
1227इंग्रजी शिक्षण
शिका →विषय: शाळेतील वस्तू आणि जागा
जागेचे शब्दयोगी अव्यय (In, On, Under)
- eraser — रबर
- blackboard — श्यामपट्ट
- desk — मेज
प्रश्नमंजुषा
खेळा →विशेष लेख (ब्लॉग)
सर्व पहा →हिरोशिमा दिनाचे धडे: शांतता आणि जागतिक सलोख्याचे महत्त्व | परिपाठ
आज, ६ ऑगस्ट २०२६ रोजी आपण हिरोशिमा दिनाचे स्मरण करत असताना, युद्धाच्या भीषण परिणामांची आणि शांततेच्य...
⏱️ 9 min read
हम्पी के 'डिजिटल ट्विन्स': ३डी लेजर स्कैनिंग और वीआर के माध्यम से विजयनगर साम्राज्य की खोज
जानिए कैसे ३डी लेजर स्कैनिंग और वीआर तकनीक विजयनगर साम्राज्य की राजधानी हम्पी को डिजिटल रूप में पुनर...
⏱️ 20 min read
ग्रैंड एनीकट (कल्लनई): चोल राजवंश के 2,000 साल पुराने इंजीनियरिंग रहस्यों का खुलासा
ग्रैंड एनीकट (कल्लनई) के 2,000 साल पुराने इंजीनियरिंग रहस्यों को जानें, जो चोल राजवंश द्वारा निर्मित...
⏱️ 12 min read
1000 साल पुराना सुडोकू: चौसठ योगिनी मंदिर के गणितीय चमत्कार और आधुनिक उपग्रह कक्षा
मुरैना के 11वीं शताब्दी के चौसठ योगिनी मंदिर, इसकी 64-ग्रिड सुडोकू जैसी ज्यामिति, और इसके वृत्ताकार ...
⏱️ 15 min readशैक्षणिक खेळ
खेळा →साहित्य डाऊनलोड
मिळवा →सभा आवश्यकताएँ
सर्व पहा →Jana Gana Mana
National Anthemजन-गण-मन अधिनायक जय हे, भारत-भाग्य-विधाता। पंजाब-सिन्धु-गुजरात-मराठा, द्राविड़-उत्कल-बङ्ग। विन्ध्य-हिमाचल-यमुना-गङ्गा, उच्छल-जलधि-तरङ्ग। तव शुभ नामे जागे, तव शुभ आशिष मागे, गाहे तव जय-गाथा। जन-गण-मङ्गल-दायक जय हे, भारत-भाग्य-विधाता। जय हे, जय हे, जय हे, जय जय जय जय हे॥
National Pledge (Pratidnya / Pratigya)
National Pledgeभारत मेरा देश है। सब भारतवासी मेरे भाई-बहन हैं। मैं अपने देश से प्रेम करता हूँ और इसकी समृद्ध तथा विविध संस्कृति पर मुझे गर्व है। मैं सदा इसका सुयोग्य अधिकारी बनने का प्रयत्न करता रहूँगा। मैं अपने माता-पिता, शिक्षकों एवं गुरुजनों का सम्मान करूँगा और हर किसी के साथ विनीत रहूँगा। मैं अपने देश और देशवासियों के प्रति सत्यनिष्ठा की प्रतिज्ञा करता हूँ। उनके कल्याण और समृद्धि में ही मेरा सुख निहित है।
Preamble to the Constitution of India (Sanvidhan)
National Constitution Preambleहम, भारत के लोग, भारत को एक संपूर्ण प्रभुत्व-संपन्न, समाजवादी, पंथनिरपेक्ष, लोकतंत्रात्मक गणराज्य बनाने के लिए, तथा उसके समस्त नागरिकों को: सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय, विचार, अभिव्यक्ति, विश्वास, धर्म और उपासना की स्वतंत्रता, प्रतिष्ठा और अवसर की समता, प्राप्त कराने के लिए, तथा उन सब में व्यक्ति की गरिमा और राष्ट्र की एकता और अखंडता सुनिश्चित करने वाली बंधुता बढ़ाने के लिए दृढ़संकल्प होकर अपनी इस संविधान सभा में आज तारीख 26 नवम्बर 1949 ई॰ को एतद्द्वारा इस संविधान को अंगीकृत, अधिनियमित और आत्मार्पित करते हैं।
Vande Mataram
National Songवन्दे मातरम्। सुजलां सुफलां मलयजशीतलाम्, शस्यश्यामलां मातरम्। शुभ्रज्योत्स्नापुलकितयामिनीं, फुल्लकुसुमितद्रुमदलशोभिनीं, सुहासिनीं सुमधुर भाषिणीं, सुखदां वरदां मातरम्॥