परिपाठ — महाराष्ट्रातील शाळांसाठी दैनंदिन शालेय परिपाठ
दररोजचा सुविचार, दिनविशेष, पंचांग, बातम्या, प्रार्थना, बोधकथा आणि शैक्षणिक साहित्य — सर्व एकाच ठिकाणी
आजचे विशेष
रविवार, 16 ऑगस्ट 2026सुविचार
→❝ अरे यह संसार, चूल्हे पर तवे जैसा है।Meaning_en: Happiness and sorrow are two sides of the same coin in worldly life.Meaning_hi: सांसारिक जीवन में सुख और दुख एक ही सिक्के के दो पहलू हैं।person_ref:{"slug":"bahinabai-chaudhari","name_mr":"बहिणाबाई चौधरी","auto_create":true,"birth_date":"1880-08-11","death_date":"1951-12-03","name_en":"Bahinabai Chaudhari","name_hi":"Bahinabai चौधरी","person_type":"Poet","short_bio_en":"An illiterate cotton farmer who composed beautiful oral poetry.","short_bio_mr":"एक अशिक्षित शेतकरी महिला ज्यांनी अप्रतिम मौखिक कविता रचल्या.","wikipedia_url":"https://en.wikipedia.org/wiki/Bahinabai_Chaudhari"} ❞
संसारात सुख-दुःख एकाच नाण्याच्या दोन बाजू आहेत.
पंचांग
→संस्कृत सुभाषित
सर्व पहा →जैसा जळचरा पाठीं । लागला काळु न सुटे मिठी । तैसा विषयांचां पोटीं । मृत्यु असे ॥ २१६ ॥
📖 विस्तार →ज्याप्रमाणे पाण्यात राहणाऱ्या प्राण्यांच्या मागे मृत्यू लागलेला असतो आणि तो त्यांची पाठ सोडत नाही, त्याचप्रमाणे इंद्रियांच्या विषयांच्या (भोगांच्या) आत मृत्यू दडलेला असतो.
म्हणोनि संन्यासु आणि योगु । हा एकचि कीं गा पांगु । परी अज्ञानासी विभागु । भिन्नु दिसे ॥ ३८ ॥
📖 विस्तार →म्हणून संन्यास आणि योग हे दोन्ही एकच आहेत; परंतु अज्ञानी लोकांना ते वेगवेगळे वाटतात.
दिन विशेष 19
सर्व पहा →
अटलबिहारी वाजपेयी स्मृतिदिन
2018
सुभद्रा कुमारी चौहान जन्मजयंती
1904
स्वामी रामकृष्ण परमहंस स्मृतिदिन
1886अण्णा हजारे यांना अटक आणि भ्रष्टाचारविरोधी आंदोलन
2011मनमोहन कृष्ण स्मृतिदिन
1995सैफ अली खान जन्मदिवस
1970मनीषा कोईराला जन्मदिवस
1970अरविंद केजरीवाल जन्मदिवस
1968पाँडिचेरीचे भारतात कायदेशीर विलीनीकरण
1962सफदर हाश्मी जन्मजयंती
1954सिद्धेश्वर महाराज जन्मजयंती
1948प्रत्यक्ष कृती दिन (Direct Action Day)
1946उस्ताद अमजद अली खान जन्मदिवस
1945सुरेश कलमाडी जन्मदिवस
1944मनोहर हर्डीकर जन्मदिवस
1936जातीय निवाडा जाहीर (Communal Award)
1932कांता राव जन्मजयंती
1923डॉ. धनंजय कीर जन्मजयंती
1913हुमायून कबीर जन्मजयंती
1891इंग्रजी शिक्षण
शिका →विषय: प्रश्न विचारणे आणि मित्राला भेटणे
प्रश्नार्थक वाक्ये (Wh- Questions)
- Busy — व्यस्त
- Nearby — पास में
- Healthy — स्वस्थ
प्रश्नमंजुषा
खेळा →विशेष लेख (ब्लॉग)
सर्व पहा →हिरोशिमा दिनाचे धडे: शांतता आणि जागतिक सलोख्याचे महत्त्व | परिपाठ
आज, ६ ऑगस्ट २०२६ रोजी आपण हिरोशिमा दिनाचे स्मरण करत असताना, युद्धाच्या भीषण परिणामांची आणि शांततेच्य...
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हम्पी के 'डिजिटल ट्विन्स': ३डी लेजर स्कैनिंग और वीआर के माध्यम से विजयनगर साम्राज्य की खोज
जानिए कैसे ३डी लेजर स्कैनिंग और वीआर तकनीक विजयनगर साम्राज्य की राजधानी हम्पी को डिजिटल रूप में पुनर...
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ग्रैंड एनीकट (कल्लनई): चोल राजवंश के 2,000 साल पुराने इंजीनियरिंग रहस्यों का खुलासा
ग्रैंड एनीकट (कल्लनई) के 2,000 साल पुराने इंजीनियरिंग रहस्यों को जानें, जो चोल राजवंश द्वारा निर्मित...
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1000 साल पुराना सुडोकू: चौसठ योगिनी मंदिर के गणितीय चमत्कार और आधुनिक उपग्रह कक्षा
मुरैना के 11वीं शताब्दी के चौसठ योगिनी मंदिर, इसकी 64-ग्रिड सुडोकू जैसी ज्यामिति, और इसके वृत्ताकार ...
⏱️ 15 min readशैक्षणिक खेळ
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सर्व पहा →Jana Gana Mana
National Anthemजन-गण-मन अधिनायक जय हे, भारत-भाग्य-विधाता। पंजाब-सिन्धु-गुजरात-मराठा, द्राविड़-उत्कल-बङ्ग। विन्ध्य-हिमाचल-यमुना-गङ्गा, उच्छल-जलधि-तरङ्ग। तव शुभ नामे जागे, तव शुभ आशिष मागे, गाहे तव जय-गाथा। जन-गण-मङ्गल-दायक जय हे, भारत-भाग्य-विधाता। जय हे, जय हे, जय हे, जय जय जय जय हे॥
National Pledge (Pratidnya / Pratigya)
National Pledgeभारत मेरा देश है। सब भारतवासी मेरे भाई-बहन हैं। मैं अपने देश से प्रेम करता हूँ और इसकी समृद्ध तथा विविध संस्कृति पर मुझे गर्व है। मैं सदा इसका सुयोग्य अधिकारी बनने का प्रयत्न करता रहूँगा। मैं अपने माता-पिता, शिक्षकों एवं गुरुजनों का सम्मान करूँगा और हर किसी के साथ विनीत रहूँगा। मैं अपने देश और देशवासियों के प्रति सत्यनिष्ठा की प्रतिज्ञा करता हूँ। उनके कल्याण और समृद्धि में ही मेरा सुख निहित है।
Preamble to the Constitution of India (Sanvidhan)
National Constitution Preambleहम, भारत के लोग, भारत को एक संपूर्ण प्रभुत्व-संपन्न, समाजवादी, पंथनिरपेक्ष, लोकतंत्रात्मक गणराज्य बनाने के लिए, तथा उसके समस्त नागरिकों को: सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय, विचार, अभिव्यक्ति, विश्वास, धर्म और उपासना की स्वतंत्रता, प्रतिष्ठा और अवसर की समता, प्राप्त कराने के लिए, तथा उन सब में व्यक्ति की गरिमा और राष्ट्र की एकता और अखंडता सुनिश्चित करने वाली बंधुता बढ़ाने के लिए दृढ़संकल्प होकर अपनी इस संविधान सभा में आज तारीख 26 नवम्बर 1949 ई॰ को एतद्द्वारा इस संविधान को अंगीकृत, अधिनियमित और आत्मार्पित करते हैं।
Vande Mataram
National Songवन्दे मातरम्। सुजलां सुफलां मलयजशीतलाम्, शस्यश्यामलां मातरम्। शुभ्रज्योत्स्नापुलकितयामिनीं, फुल्लकुसुमितद्रुमदलशोभिनीं, सुहासिनीं सुमधुर भाषिणीं, सुखदां वरदां मातरम्॥