परिपाठ — महाराष्ट्रातील शाळांसाठी दैनंदिन शालेय परिपाठ
दररोजचा सुविचार, दिनविशेष, पंचांग, बातम्या, प्रार्थना, बोधकथा आणि शैक्षणिक साहित्य — सर्व एकाच ठिकाणी
आजचे विशेष
शुक्रवार, 14 ऑगस्ट 2026सुविचार
→❝ जो सही है वही कहूँगा और जो संभव है वही करूँगा।Meaning_en: Speak only the truth and commit only to what you can perform.Meaning_hi: केवल सत्य बोलें और केवल उसी के लिए प्रतिबद्ध हों जिसे आप पूरा कर सकें।person_ref:{"slug":"gopal-ganesh-agarkar","name_mr":"गोपाळ गणेश आगरकर","auto_create":true,"birth_date":"1856-07-14","death_date":"1895-06-17","name_en":"Gopal Ganesh Agarkar","name_hi":"Gopal Ganesh Agarkar","person_type":"Social Reformer","short_bio_en":"A rationalist social reformer and a close associate of Tilak.","short_bio_mr":"एक बुद्धिप्रामाण्यवादी समाजसुधारक आणि टिळकांचे निकटचे सहकारी.","wikipedia_url":"https://en.wikipedia.org/wiki/Gopal_Ganesh_Agarkar"} ❞
जे योग्य आहे तेच बोलावे आणि जे शक्य आहे तेच करावे.
पंचांग
→आजचे पंचांग उपलब्ध नाही
संस्कृत सुभाषित
सर्व पहा →तरी देह हा एकुचि येथ । परी अवस्था भेदु बहुत । जैसा बाळत्वीं असे जो तेंचि नसत । तारुण्यामाजीं ॥ १३ ॥
📖 विस्तार →जसा हा देह एकच असतो, पण त्याच्या बालपण आणि तारुण्य अशा वेगवेगळ्या अवस्था असतात. बालपणात जे रूप असते, ते तारुण्यात राहत नाही, तरीही माणूस तोच असतो.
म्हणून तू आता या इंद्रियांना ताब्यात ठेवणारा होऊन, या अनंत पापांचा त्याग कर.
📖 विस्तार →म्हणून तू आता तुझ्या इंद्रियांवर ताबा मिळव आणि या सर्व पापांचा त्याग कर.
दिन विशेष 25
सर्व पहा →
राकेश झुनझुनवाला यांची पुण्यतिथी
2022
विभाजन विभीषिका स्मृती दिवस
2021
विलासराव देशमुख यांची पुण्यतिथी
2012
शम्मी कपूर यांची पुण्यतिथी
2011
एचएफ-२४ 'मारुत' चे पहिले उड्डाण
1961
पाकिस्तानची निर्मिती आणि भारताची फाळणी
1947
घटना समितीचे मध्यरात्रीचे सत्र
1947
कुलदीप नायर यांची जयंती
1923
मुंबई उच्च न्यायालयाची स्थापना
1862आयएनएस सिंधु रक्षक दुर्घटना
2013एंझो फेरारी यांची पुण्यतिथी
1988एस. के. पोट्टेक्कट्ट यांची पुण्यतिथी
1982बहरीनचा स्वातंत्र्य दिन
1971भगवान गोपीनाथ यांची पुण्यतिथी
1968एअर इंडियाची मॉस्कोला पहिली सेवा
1958बर्टोल्ट ब्रेख्त यांची पुण्यतिथी
1956अटलांटिक चार्टरवर स्वाक्षरी
1941सामाजिक सुरक्षा कायदा (Social Security Act) मंजूर
1935जे. सी. कुमारप्पा यांची अटक
1930अँटवर्प ऑलिम्पिक खेळांचे उद्घाटन
1920प्रेम भाटिया जयंती
1911विठ्ठल बाळकृष्ण गांधी (व्ही. बी. गांधी) जयंती
1896जगातील पहिली कार नोंदणी प्लेट
1893काशीनाथ नारायण दीक्षित जयंती
1889मंगळाच्या 'फोबोस' चंद्राचा शोध
1877विशेष लेख (ब्लॉग)
सर्व पहा →
महाराष्ट्र के सरकारी स्कूलों के छात्रों की चमकेगी किस्मत! अब 'नासा' और 'इसरो' की करेंगे सैर
महाराष्ट्र सरकार ने सरकारी स्कूलों के मेधावी छात्रों को नासा (NASA) और इसरो (ISRO) की यात्रा पर भेजन...
⏱️ 25 min read
प्रस्तावना से ग्रहों तक: कैसे अनुच्छेद 51A(h) — वैज्ञानिक दृष्टिकोण का संवैधानिक कर्तव्य — भारत के २०२६ के अंतरिक्ष मिशनों को शक्ति दे रहा है
जानें कि कैसे भारतीय संविधान के अनुच्छेद 51A(h) के तहत वैज्ञानिक दृष्टिकोण का मौलिक कर्तव्य गगनयान औ...
⏱️ 15 min read
स्कूल असेंबली (परिपाठ) के फायदे और छात्रों पर प्रभाव
स्कूल असेंबली या परिपाठ के छात्रों पर होने वाले मनोवैज्ञानिक और शैक्षिक लाभों को विस्तार से जानें। क...
⏱️ 15 min read
स्कूल असेंबली (परिपाठ) कैसे आयोजित करें? विस्तृत मार्गदर्शिका
आदर्श स्कूल परिपाठ कैसे आयोजित करें? इस विस्तृत मार्गदर्शिका में प्रार्थना, समाचार, सुविचार और अनुशा...
⏱️ 18 min readशैक्षणिक खेळ
खेळा →साहित्य डाऊनलोड
मिळवा →सभा आवश्यकताएँ
सर्व पहा →Jana Gana Mana
National Anthemजन-गण-मन अधिनायक जय हे, भारत-भाग्य-विधाता। पंजाब-सिन्धु-गुजरात-मराठा, द्राविड़-उत्कल-बङ्ग। विन्ध्य-हिमाचल-यमुना-गङ्गा, उच्छल-जलधि-तरङ्ग। तव शुभ नामे जागे, तव शुभ आशिष मागे, गाहे तव जय-गाथा। जन-गण-मङ्गल-दायक जय हे, भारत-भाग्य-विधाता। जय हे, जय हे, जय हे, जय जय जय जय हे॥
National Pledge (Pratidnya / Pratigya)
National Pledgeभारत मेरा देश है। सब भारतवासी मेरे भाई-बहन हैं। मैं अपने देश से प्रेम करता हूँ और इसकी समृद्ध तथा विविध संस्कृति पर मुझे गर्व है। मैं सदा इसका सुयोग्य अधिकारी बनने का प्रयत्न करता रहूँगा। मैं अपने माता-पिता, शिक्षकों एवं गुरुजनों का सम्मान करूँगा और हर किसी के साथ विनीत रहूँगा। मैं अपने देश और देशवासियों के प्रति सत्यनिष्ठा की प्रतिज्ञा करता हूँ। उनके कल्याण और समृद्धि में ही मेरा सुख निहित है।
Preamble to the Constitution of India (Sanvidhan)
National Constitution Preambleहम, भारत के लोग, भारत को एक संपूर्ण प्रभुत्व-संपन्न, समाजवादी, पंथनिरपेक्ष, लोकतंत्रात्मक गणराज्य बनाने के लिए, तथा उसके समस्त नागरिकों को: सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय, विचार, अभिव्यक्ति, विश्वास, धर्म और उपासना की स्वतंत्रता, प्रतिष्ठा और अवसर की समता, प्राप्त कराने के लिए, तथा उन सब में व्यक्ति की गरिमा और राष्ट्र की एकता और अखंडता सुनिश्चित करने वाली बंधुता बढ़ाने के लिए दृढ़संकल्प होकर अपनी इस संविधान सभा में आज तारीख 26 नवम्बर 1949 ई॰ को एतद्द्वारा इस संविधान को अंगीकृत, अधिनियमित और आत्मार्पित करते हैं।
Vande Mataram
National Songवन्दे मातरम्। सुजलां सुफलां मलयजशीतलाम्, शस्यश्यामलां मातरम्। शुभ्रज्योत्स्नापुलकितयामिनीं, फुल्लकुसुमितद्रुमदलशोभिनीं, सुहासिनीं सुमधुर भाषिणीं, सुखदां वरदां मातरम्॥