परिपाठ — महाराष्ट्रातील शाळांसाठी दैनंदिन शालेय परिपाठ
दररोजचा सुविचार, दिनविशेष, पंचांग, बातम्या, प्रार्थना, बोधकथा आणि शैक्षणिक साहित्य — सर्व एकाच ठिकाणी
आजचे विशेष
सोमवार, 10 ऑगस्ट 2026सुविचार
→❝ महिला शिक्षा राष्ट्र की प्रगति का लक्षण है।Meaning_en: When a woman learns, the whole family learns.Meaning_hi: जब एक स्त्री शिक्षित होती है, तो पूरा परिवार शिक्षित होता है।person_ref:{"slug":"savitribai-phule","name_mr":"सावित्रीबाई फुले","auto_create":true,"birth_date":"1831-01-03","death_date":"1897-03-10","name_en":"Savitribai Phule","name_hi":"Savitribai Phule","person_type":"Educator","short_bio_en":"The first female teacher of India and a social reformer.","short_bio_mr":"भारतातील पहिल्या महिला शिक्षिका आणि समाजसुधारक.","wikipedia_url":"https://en.wikipedia.org/wiki/Savitribai_Phule"} ❞
जेव्हा एक स्त्री शिकते तेव्हा संपूर्ण कुटुंब शिकते.
पंचांग
→संस्कृत सुभाषित
सर्व पहा →जेथूनि हे सृष्टीचे । पाऊल निगाले आहे साचे । तेथचि जयाचे । मन स्थिरावले ॥
📖 विस्तार →ज्या ठिकाणाहून या संपूर्ण सृष्टीची उत्पत्ती झाली आहे, त्याच मूळ तत्वामध्ये (परमात्म्यामध्ये) ज्याचे मन कायमचे स्थिर झाले आहे.
म्हणोनि तूं पां धनुर्धरा | या कर्मातें न संडवे सर्वथा | जेणें हा लोकु संचरा | मार्गी लागे || ८१ ||
📖 विस्तार →म्हणून हे अर्जुना, तू कर्माचा त्याग मुळीच करू नकोस; कारण तुझ्या कर्माकडे पाहूनच हा लोकसमाज योग्य मार्गाला लागेल.
दिन विशेष 25
सर्व पहा →
जागतिक सिंह दिन
2024
आयएनएस गोदावरी नौदलात दाखल
1983
इस्रोच्या एसएलव्ही-३ चे पहिले उड्डाण
1979
वराहगिरी व्यंकट गिरी (व्ही. व्ही. गिरी) यांचा जन्म
1894
पंडित विष्णू नारायण भातखंडे यांचा जन्म
1860
स्मिथसोनियन इन्स्टिट्यूशनची स्थापना
1846
लुव्रे संग्रहालयाचे उद्घाटन
1793जागतिक जैवइंधन दिन
2024सुरेश दलाल यांचे निधन
2012अटलांटिक घटना (Atlantique Incident)
1999जी. व्ही. अय्यर यांचे निधन
1995मॅगेलन अंतराळयान शुक्र ग्रहावर पोहोचले
1990प्रमोद भगत यांचा जन्म
1981याह्या खान यांचे निधन
1980लुनार ऑर्बिटर १ चे प्रक्षेपण
1966फूलन देवी यांचा जन्म
1963जपानचा शरणागतीचा प्रस्ताव
1945सेव्ह्रेसचा तह (Treaty of Sèvres)
1920हेन्री मोसले यांचे निधन
1915अ. न. कृष्णराव यांचा जन्म
1911मोहम्मद शफी कुरेशी यांचा जन्म
1910पहिली व्यावसायिक इलेक्ट्रिक स्ट्रीटकार
1885इक्वेडोरचा स्वातंत्र्यदिन
1809ग्रीनविच वेधशाळेची पायाभरणी
1675मॅगेलनच्या जागतिक प्रवासाची सुरुवात
1519इंग्रजी शिक्षण
शिका →विषय: नामांचे प्रकार
सामान्य नाम आणि विशेष नाम
- fresh — ताज़ा
- vendor — विक्रेता
- price — कीमत
प्रश्नमंजुषा
खेळा →विशेष लेख (ब्लॉग)
सर्व पहा →हिरोशिमा दिनाचे धडे: शांतता आणि जागतिक सलोख्याचे महत्त्व | परिपाठ
आज, ६ ऑगस्ट २०२६ रोजी आपण हिरोशिमा दिनाचे स्मरण करत असताना, युद्धाच्या भीषण परिणामांची आणि शांततेच्य...
⏱️ 9 min read
हम्पी के 'डिजिटल ट्विन्स': ३डी लेजर स्कैनिंग और वीआर के माध्यम से विजयनगर साम्राज्य की खोज
जानिए कैसे ३डी लेजर स्कैनिंग और वीआर तकनीक विजयनगर साम्राज्य की राजधानी हम्पी को डिजिटल रूप में पुनर...
⏱️ 20 min read
ग्रैंड एनीकट (कल्लनई): चोल राजवंश के 2,000 साल पुराने इंजीनियरिंग रहस्यों का खुलासा
ग्रैंड एनीकट (कल्लनई) के 2,000 साल पुराने इंजीनियरिंग रहस्यों को जानें, जो चोल राजवंश द्वारा निर्मित...
⏱️ 12 min read
1000 साल पुराना सुडोकू: चौसठ योगिनी मंदिर के गणितीय चमत्कार और आधुनिक उपग्रह कक्षा
मुरैना के 11वीं शताब्दी के चौसठ योगिनी मंदिर, इसकी 64-ग्रिड सुडोकू जैसी ज्यामिति, और इसके वृत्ताकार ...
⏱️ 15 min readशैक्षणिक खेळ
खेळा →साहित्य डाऊनलोड
मिळवा →सभा आवश्यकताएँ
सर्व पहा →Jana Gana Mana
National Anthemजन-गण-मन अधिनायक जय हे, भारत-भाग्य-विधाता। पंजाब-सिन्धु-गुजरात-मराठा, द्राविड़-उत्कल-बङ्ग। विन्ध्य-हिमाचल-यमुना-गङ्गा, उच्छल-जलधि-तरङ्ग। तव शुभ नामे जागे, तव शुभ आशिष मागे, गाहे तव जय-गाथा। जन-गण-मङ्गल-दायक जय हे, भारत-भाग्य-विधाता। जय हे, जय हे, जय हे, जय जय जय जय हे॥
National Pledge (Pratidnya / Pratigya)
National Pledgeभारत मेरा देश है। सब भारतवासी मेरे भाई-बहन हैं। मैं अपने देश से प्रेम करता हूँ और इसकी समृद्ध तथा विविध संस्कृति पर मुझे गर्व है। मैं सदा इसका सुयोग्य अधिकारी बनने का प्रयत्न करता रहूँगा। मैं अपने माता-पिता, शिक्षकों एवं गुरुजनों का सम्मान करूँगा और हर किसी के साथ विनीत रहूँगा। मैं अपने देश और देशवासियों के प्रति सत्यनिष्ठा की प्रतिज्ञा करता हूँ। उनके कल्याण और समृद्धि में ही मेरा सुख निहित है।
Preamble to the Constitution of India (Sanvidhan)
National Constitution Preambleहम, भारत के लोग, भारत को एक संपूर्ण प्रभुत्व-संपन्न, समाजवादी, पंथनिरपेक्ष, लोकतंत्रात्मक गणराज्य बनाने के लिए, तथा उसके समस्त नागरिकों को: सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय, विचार, अभिव्यक्ति, विश्वास, धर्म और उपासना की स्वतंत्रता, प्रतिष्ठा और अवसर की समता, प्राप्त कराने के लिए, तथा उन सब में व्यक्ति की गरिमा और राष्ट्र की एकता और अखंडता सुनिश्चित करने वाली बंधुता बढ़ाने के लिए दृढ़संकल्प होकर अपनी इस संविधान सभा में आज तारीख 26 नवम्बर 1949 ई॰ को एतद्द्वारा इस संविधान को अंगीकृत, अधिनियमित और आत्मार्पित करते हैं।
Vande Mataram
National Songवन्दे मातरम्। सुजलां सुफलां मलयजशीतलाम्, शस्यश्यामलां मातरम्। शुभ्रज्योत्स्नापुलकितयामिनीं, फुल्लकुसुमितद्रुमदलशोभिनीं, सुहासिनीं सुमधुर भाषिणीं, सुखदां वरदां मातरम्॥