परिपाठ — महाराष्ट्रातील शाळांसाठी दैनंदिन शालेय परिपाठ
दररोजचा सुविचार, दिनविशेष, पंचांग, बातम्या, प्रार्थना, बोधकथा आणि शैक्षणिक साहित्य — सर्व एकाच ठिकाणी
आजचे विशेष
गुरुवार, 06 ऑगस्ट 2026सुविचार
→❝ दूसरों के आँसुओं में अपनी खुशी न ढूंढें।Meaning_en: Finding joy in others' suffering is the greatest cruelty.Meaning_hi: दूसरों के दुख में सुखी होना सबसे बड़ी क्रूरता है।person_ref:{"slug":"baba-amte","name_mr":"बाबा आमटे","auto_create":true,"birth_date":"1914-12-26","death_date":"2008-02-09","name_en":"Baba Amte","name_hi":"Baba Amte","person_type":"Social Worker","short_bio_en":"A social worker known for his work with leprosy patients.","short_bio_mr":"कुष्ठरुग्णांच्या सेवेसाठी ओळखले जाणारे थोर समाजसेवक.","wikipedia_url":"https://en.wikipedia.org/wiki/Baba_Amte"} ❞
परदुःखात सुखी होणे ही सर्वात मोठी क्रूरता आहे.
पंचांग
→संस्कृत सुभाषित
सर्व पहा →म्हणून हे अर्जुना, तू या कर्माचा त्याग मुळीच करू नकोस; परंतु फळाची आशा सोडून आता त्याचे आचरण कर.
📖 विस्तार →म्हणून हे अर्जुना, तू तुझे काम करणे सोडू नकोस, फक्त त्या कामापासून काय मिळेल याची अपेक्षा न ठेवता तुझे काम कर.
तरी कर्मे आपणियांतें । न लिंपतीचि पैं मातें । हें जाणती जे मातें । तेही न लिंपती ॥
📖 विस्तार →ज्याप्रमाणे मला (परमात्म्याला) कोणतीही कर्मे चिकटत नाहीत, हे जे लोक ओळखतात, त्यांना सुद्धा कर्मांची बंधने लागत नाहीत.
दिन विशेष 25
सर्व पहा →
सुषमा स्वराज स्मृती दिन
2019
कलम ३७० लोकसभेत रद्द
2019
हिरोशिमा दिन
1945
सुरेंद्रनाथ बॅनर्जी पुण्यतिथी
1925जगदीप धनखड उपराष्ट्रपती म्हणून नियुक्त
2022मेजर ध्यानचंद खेलरत्न पुरस्कार नामकरण
2021क्युरिओसिटी रोव्हरचे मंगळावर लँडिंग
2012मायक्रोसॉफ्ट आणि ॲपलची युती
1997मंगळ ग्रहावरील उल्कापाषाणाचे संशोधन
1996जागतिक स्तरावर 'WWW' ची घोषणा
1991मतदान हक्क कायदा १९६५ (अमेरिका)
1965जमैका देशाचे स्वातंत्र्य
1962राष्ट्रीय विकास परिषदेची स्थापना
1952इंदरजीत सिंग जयंती
1944भारत भूषण (कवी) जयंती
1937ए. जी. कृपाल सिंग जयंती
1933अँडी वॉरहोल जयंती
1928प्रेम धवन जयंती
1922विठ्ठलभाई पटेल मुंबई पालिकेचे अध्यक्ष
1921गुरुदयाल सिंह धिल्लॉन जयंती
1915ऑस्ट्रिया-हंगेरीची रशियाविरुद्ध युद्ध पुकारणी
1914'वंदे मातरम' वृत्तपत्राची सुरुवात
1906सर अलेक्झांडर फ्लेमिंग जयंती
1881अल्फ्रेड लॉर्ड टेनिसन जयंती
1809पवित्र रोमन साम्राज्याचा अंत
1806इंग्रजी शिक्षण
शिका →विषय: शाळेतील वस्तू आणि जागा
जागेचे शब्दयोगी अव्यय (In, On, Under)
- eraser — रबर
- blackboard — श्यामपट्ट
- desk — मेज
प्रश्नमंजुषा
खेळा →विशेष लेख (ब्लॉग)
सर्व पहा →आपला तिरंगा: केवळ ध्वज नाही, तर देशाभिमानाचे प्रतीक!
आपला तिरंगा, भारताचा राष्ट्रध्वज, केवळ एक कापडाचा तुकडा नाही, तर तो आपल्या देशाच्या गौरवशाली इतिहासा...
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हम्पी के 'डिजिटल ट्विन्स': ३डी लेजर स्कैनिंग और वीआर के माध्यम से विजयनगर साम्राज्य की खोज
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ग्रैंड एनीकट (कल्लनई): चोल राजवंश के 2,000 साल पुराने इंजीनियरिंग रहस्यों का खुलासा
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1000 साल पुराना सुडोकू: चौसठ योगिनी मंदिर के गणितीय चमत्कार और आधुनिक उपग्रह कक्षा
मुरैना के 11वीं शताब्दी के चौसठ योगिनी मंदिर, इसकी 64-ग्रिड सुडोकू जैसी ज्यामिति, और इसके वृत्ताकार ...
⏱️ 15 min readशैक्षणिक खेळ
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सर्व पहा →Jana Gana Mana
National Anthemजन-गण-मन अधिनायक जय हे, भारत-भाग्य-विधाता। पंजाब-सिन्धु-गुजरात-मराठा, द्राविड़-उत्कल-बङ्ग। विन्ध्य-हिमाचल-यमुना-गङ्गा, उच्छल-जलधि-तरङ्ग। तव शुभ नामे जागे, तव शुभ आशिष मागे, गाहे तव जय-गाथा। जन-गण-मङ्गल-दायक जय हे, भारत-भाग्य-विधाता। जय हे, जय हे, जय हे, जय जय जय जय हे॥
National Pledge (Pratidnya / Pratigya)
National Pledgeभारत मेरा देश है। सब भारतवासी मेरे भाई-बहन हैं। मैं अपने देश से प्रेम करता हूँ और इसकी समृद्ध तथा विविध संस्कृति पर मुझे गर्व है। मैं सदा इसका सुयोग्य अधिकारी बनने का प्रयत्न करता रहूँगा। मैं अपने माता-पिता, शिक्षकों एवं गुरुजनों का सम्मान करूँगा और हर किसी के साथ विनीत रहूँगा। मैं अपने देश और देशवासियों के प्रति सत्यनिष्ठा की प्रतिज्ञा करता हूँ। उनके कल्याण और समृद्धि में ही मेरा सुख निहित है।
Preamble to the Constitution of India (Sanvidhan)
National Constitution Preambleहम, भारत के लोग, भारत को एक संपूर्ण प्रभुत्व-संपन्न, समाजवादी, पंथनिरपेक्ष, लोकतंत्रात्मक गणराज्य बनाने के लिए, तथा उसके समस्त नागरिकों को: सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय, विचार, अभिव्यक्ति, विश्वास, धर्म और उपासना की स्वतंत्रता, प्रतिष्ठा और अवसर की समता, प्राप्त कराने के लिए, तथा उन सब में व्यक्ति की गरिमा और राष्ट्र की एकता और अखंडता सुनिश्चित करने वाली बंधुता बढ़ाने के लिए दृढ़संकल्प होकर अपनी इस संविधान सभा में आज तारीख 26 नवम्बर 1949 ई॰ को एतद्द्वारा इस संविधान को अंगीकृत, अधिनियमित और आत्मार्पित करते हैं।
Vande Mataram
National Songवन्दे मातरम्। सुजलां सुफलां मलयजशीतलाम्, शस्यश्यामलां मातरम्। शुभ्रज्योत्स्नापुलकितयामिनीं, फुल्लकुसुमितद्रुमदलशोभिनीं, सुहासिनीं सुमधुर भाषिणीं, सुखदां वरदां मातरम्॥