परिपाठ — महाराष्ट्रातील शाळांसाठी दैनंदिन शालेय परिपाठ
दररोजचा सुविचार, दिनविशेष, पंचांग, बातम्या, प्रार्थना, बोधकथा आणि शैक्षणिक साहित्य — सर्व एकाच ठिकाणी
आजचे विशेष
मंगळवार, 04 ऑगस्ट 2026सुविचार
→❝ यह पूरा विश्व ही मेरा घर है।Meaning_en: The whole world should be treated as one single family.Meaning_hi: संपूर्ण विश्व को एक परिवार के रूप में देखा जाना चाहिए।person_ref:{"slug":"sant-dnyaneshwar","name_mr":"संत ज्ञानेश्वर","auto_create":true,"birth_date":"1275-01-01","death_date":"1296-01-01","name_en":"Sant Dnyaneshwar","name_hi":"Sant Dnyaneshwar","person_type":"Saint","short_bio_en":"A 13th-century Marathi saint, poet, philosopher and yogi.","short_bio_mr":"१३ व्या शतकातील मराठी संत, कवी, तत्त्वज्ञ आणि योगी.","wikipedia_url":"https://en.wikipedia.org/wiki/Dnyaneshwar"} ❞
संपूर्ण जग हे एका कुटुंबासारखे आहे.
पंचांग
→संस्कृत सुभाषित
सर्व पहा →तैसेचि द्रुपद द्रौपदेय । आणि अभिमन्यु महाबाहु । हेही आपुलाले सैन्य । घेऊनि आले ॥ ५६ ॥
📖 विस्तार →त्याचप्रमाणे राजा द्रुपद, द्रौपदीचे पाच पुत्र आणि महापराक्रमी अभिमन्यू हे सर्व आपापले सैन्य घेऊन युद्धासाठी आले.
म्हणौनि संन्यासु तोचि योगु । हा जाणावा एकुचि मार्गु । जेथ न पविजे विभागु । कवणें काळीं ॥ ६१ ॥
📖 विस्तार →म्हणून संन्यास आणि योग हे दोन्ही एकच आहेत असे समजावे. या दोघांमध्ये कधीही कोणताही फरक किंवा विभाग करता येत नाही.
दिन विशेष 25
सर्व पहा →
बैरूत स्फोट
2020
स्वामी चिन्मयानंद यांचे निधन
1993
बराक ओबामा यांचा जन्म
1961
अप्सरा अणुभट्टीची सुरुवात
1956
ॲन फ्रँकची अटक
1944
किशोर कुमार यांचा जन्म
1929
सर फिरोजशाह मेहता यांचा जन्म
1845
सदाशिवराव भाऊ यांचा जन्म
1730नंदिनी सत्पथी यांचे निधन
2006अप्पर व्होल्टाचे नामकरण बर्किना फासो
1984अरबाज खान यांचा जन्म
1967ग. ह. देशपांडे यांचे निधन
1965न्यायमूर्ती एस. एच. कापडिया यांचा जन्म
1958एस. जयपाल रेड्डी यांचा जन्म
1954जपानच्या सर्वोच्च न्यायालयाची स्थापना
1947रघू राय यांचा जन्म
1939भारत सरकार कायदा १९३५ ला संमती
1935शिवाजीराव गिरधर पाटील यांचा जन्म
1931'समाचार चंद्रिका' मासिकाची सुरुवात
1921ब्रिटनची जर्मनीविरुद्ध युद्ध पुकारणी
1914राणी एलिझाबेथ (द क्वीन मदर) यांचा जन्म
1900द संडे टाइम्सची सुरुवात
1821पर्सी बिश्शे शेली यांचा जन्म
1792जिब्राल्टरचा ताबा
1704अलकासर क्विबीरची लढाई
1578इंग्रजी शिक्षण
शिका →विषय: हॉटेलमध्ये संवाद आणि मॉडल्सचा वापर
परवानगीसाठी मॉडल्स (Can आणि May)
- menu — व्यंजनों की सूची
- order — आदेश देना
- delicious — स्वादिष्ट
प्रश्नमंजुषा
खेळा →विशेष लेख (ब्लॉग)
सर्व पहा →आपला तिरंगा: केवळ ध्वज नाही, तर देशाभिमानाचे प्रतीक!
आपला तिरंगा, भारताचा राष्ट्रध्वज, केवळ एक कापडाचा तुकडा नाही, तर तो आपल्या देशाच्या गौरवशाली इतिहासा...
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हम्पी के 'डिजिटल ट्विन्स': ३डी लेजर स्कैनिंग और वीआर के माध्यम से विजयनगर साम्राज्य की खोज
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ग्रैंड एनीकट (कल्लनई): चोल राजवंश के 2,000 साल पुराने इंजीनियरिंग रहस्यों का खुलासा
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1000 साल पुराना सुडोकू: चौसठ योगिनी मंदिर के गणितीय चमत्कार और आधुनिक उपग्रह कक्षा
मुरैना के 11वीं शताब्दी के चौसठ योगिनी मंदिर, इसकी 64-ग्रिड सुडोकू जैसी ज्यामिति, और इसके वृत्ताकार ...
⏱️ 15 min readशैक्षणिक खेळ
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सर्व पहा →Jana Gana Mana
National Anthemजन-गण-मन अधिनायक जय हे, भारत-भाग्य-विधाता। पंजाब-सिन्धु-गुजरात-मराठा, द्राविड़-उत्कल-बङ्ग। विन्ध्य-हिमाचल-यमुना-गङ्गा, उच्छल-जलधि-तरङ्ग। तव शुभ नामे जागे, तव शुभ आशिष मागे, गाहे तव जय-गाथा। जन-गण-मङ्गल-दायक जय हे, भारत-भाग्य-विधाता। जय हे, जय हे, जय हे, जय जय जय जय हे॥
National Pledge (Pratidnya / Pratigya)
National Pledgeभारत मेरा देश है। सब भारतवासी मेरे भाई-बहन हैं। मैं अपने देश से प्रेम करता हूँ और इसकी समृद्ध तथा विविध संस्कृति पर मुझे गर्व है। मैं सदा इसका सुयोग्य अधिकारी बनने का प्रयत्न करता रहूँगा। मैं अपने माता-पिता, शिक्षकों एवं गुरुजनों का सम्मान करूँगा और हर किसी के साथ विनीत रहूँगा। मैं अपने देश और देशवासियों के प्रति सत्यनिष्ठा की प्रतिज्ञा करता हूँ। उनके कल्याण और समृद्धि में ही मेरा सुख निहित है।
Preamble to the Constitution of India (Sanvidhan)
National Constitution Preambleहम, भारत के लोग, भारत को एक संपूर्ण प्रभुत्व-संपन्न, समाजवादी, पंथनिरपेक्ष, लोकतंत्रात्मक गणराज्य बनाने के लिए, तथा उसके समस्त नागरिकों को: सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय, विचार, अभिव्यक्ति, विश्वास, धर्म और उपासना की स्वतंत्रता, प्रतिष्ठा और अवसर की समता, प्राप्त कराने के लिए, तथा उन सब में व्यक्ति की गरिमा और राष्ट्र की एकता और अखंडता सुनिश्चित करने वाली बंधुता बढ़ाने के लिए दृढ़संकल्प होकर अपनी इस संविधान सभा में आज तारीख 26 नवम्बर 1949 ई॰ को एतद्द्वारा इस संविधान को अंगीकृत, अधिनियमित और आत्मार्पित करते हैं।
Vande Mataram
National Songवन्दे मातरम्। सुजलां सुफलां मलयजशीतलाम्, शस्यश्यामलां मातरम्। शुभ्रज्योत्स्नापुलकितयामिनीं, फुल्लकुसुमितद्रुमदलशोभिनीं, सुहासिनीं सुमधुर भाषिणीं, सुखदां वरदां मातरम्॥