परिपाठ — महाराष्ट्रातील शाळांसाठी दैनंदिन शालेय परिपाठ
दररोजचा सुविचार, दिनविशेष, पंचांग, बातम्या, प्रार्थना, बोधकथा आणि शैक्षणिक साहित्य — सर्व एकाच ठिकाणी
आजचे विशेष
रविवार, 02 ऑगस्ट 2026सुविचार
→❝ लोगों को जोड़ना ही असली खुशी है।Meaning_en: Earning the love of people is more valuable than wealth in life.Meaning_hi: जीवन में संपत्ति से ज्यादा लोगों का प्रेम कमाना महत्वपूर्ण है।person_ref:{"slug":"p-l-deshpande","name_mr":"पु. ल. देशपांडे","auto_create":true,"birth_date":"1919-11-08","death_date":"2000-06-12","name_en":"P. L. Deshpande","name_hi":"P. L. Deshpande","person_type":"Writer","short_bio_en":"A renowned Marathi writer, humorist, and performer known as Pu La.","short_bio_mr":"'पु.ल.' नावाने प्रसिद्ध असलेले ज्येष्ठ मराठी लेखक, विनोदी लेखक आणि कलावंत.","wikipedia_url":"https://en.wikipedia.org/wiki/Pu_La_Deshpande"} ❞
आयुष्यात संपत्तीपेक्षा माणसे मिळवणे जास्त मोलाचे आहे.
पंचांग
→आजचे पंचांग उपलब्ध नाही
संस्कृत सुभाषित
सर्व पहा →म्हणौनि स्वधर्मु जो आपुला । तोचि अनुष्ठावा भला । जरी कठीण जाहला । तरी तोचि ॥ १६९ ॥
📖 विस्तार →म्हणून आपला जो स्वधर्म (कर्तव्य) आहे, तोच पाळणे चांगले आहे. तो जरी करायला कठीण वाटला, तरी तोच करावा.
म्हणौनि अर्जुना हें जाणावें | जे बुद्धीसी ऐक्य व्हावें | मग सहजेंचि पाविजे स्थिरावें | आत्मबोधीं || २४५ ||
📖 विस्तार →म्हणून अर्जुना, हे लक्षात घे की, जेव्हा आपली बुद्धी आत्मस्वरूपाशी एकरूप होते, तेव्हाच आपल्याला आत्मज्ञानामध्ये खरी स्थिरता मिळते.
दिन विशेष 25
सर्व पहा →
दादरा आणि नगर हवेली मुक्ती संग्राम
1954
पिंगली व्यंकय्या यांचा जन्म
1876
प्रफुल्लचंद्र राय यांचा जन्म
1861
भारत सरकार कायदा १८५८ संमत
1858कमल कपूर यांचे निधन
2010हरकिशनसिंग सुरजित यांचे निधन
2008गैसल रेल्वे अपघात
1999भवानी देवी यांचा जन्म
1991इराकचे कुवेतवर आक्रमण
1990अबू सईद अयुब यांचे निधन
1987रामचुआना यांचे निधन
1980सिद्धार्थ रॉय कपूर यांचा जन्म
1974विजय रुपाणी यांचा जन्म
1956पोट्सडॅम परिषदेची सांगता
1945आईन्स्टाईन-झिलार्ड पत्र
1939भारत सरकार कायदा १९३५ ला राजमान्यता
1935हिटलर जर्मनीचा 'फ्युहरर' बनला
1934पॉझिट्रॉनचा शोध
1932सर मुहम्मद शफी यांचे निधन
1931विद्या चरण शुक्ला यांचा जन्म
1929वॉरेन जी. हार्डिंग यांचे निधन
1923अलेक्झांडर ग्रॅहम बेल यांचे निधन
1922रविशंकर शुक्ला यांचा जन्म
1877अमेरिकेतील पहिली जनगणना
1790घेरियाची लढाई
1763इंग्रजी शिक्षण
शिका →विषय: स्थिती आणि खरेदी
शब्दयोगी अव्यये (आत, वर, खाली)
- basket — टोकरी
- fresh — ताज़ा
- vendor — विक्रेता
प्रश्नमंजुषा
खेळा →विशेष लेख (ब्लॉग)
सर्व पहा →
महाराष्ट्र के सरकारी स्कूलों के छात्रों की चमकेगी किस्मत! अब 'नासा' और 'इसरो' की करेंगे सैर
महाराष्ट्र सरकार ने सरकारी स्कूलों के मेधावी छात्रों को नासा (NASA) और इसरो (ISRO) की यात्रा पर भेजन...
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प्रस्तावना से ग्रहों तक: कैसे अनुच्छेद 51A(h) — वैज्ञानिक दृष्टिकोण का संवैधानिक कर्तव्य — भारत के २०२६ के अंतरिक्ष मिशनों को शक्ति दे रहा है
जानें कि कैसे भारतीय संविधान के अनुच्छेद 51A(h) के तहत वैज्ञानिक दृष्टिकोण का मौलिक कर्तव्य गगनयान औ...
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स्कूल असेंबली (परिपाठ) के फायदे और छात्रों पर प्रभाव
स्कूल असेंबली या परिपाठ के छात्रों पर होने वाले मनोवैज्ञानिक और शैक्षिक लाभों को विस्तार से जानें। क...
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स्कूल असेंबली (परिपाठ) कैसे आयोजित करें? विस्तृत मार्गदर्शिका
आदर्श स्कूल परिपाठ कैसे आयोजित करें? इस विस्तृत मार्गदर्शिका में प्रार्थना, समाचार, सुविचार और अनुशा...
⏱️ 18 min readशैक्षणिक खेळ
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सर्व पहा →Jana Gana Mana
National Anthemजन-गण-मन अधिनायक जय हे, भारत-भाग्य-विधाता। पंजाब-सिन्धु-गुजरात-मराठा, द्राविड़-उत्कल-बङ्ग। विन्ध्य-हिमाचल-यमुना-गङ्गा, उच्छल-जलधि-तरङ्ग। तव शुभ नामे जागे, तव शुभ आशिष मागे, गाहे तव जय-गाथा। जन-गण-मङ्गल-दायक जय हे, भारत-भाग्य-विधाता। जय हे, जय हे, जय हे, जय जय जय जय हे॥
National Pledge (Pratidnya / Pratigya)
National Pledgeभारत मेरा देश है। सब भारतवासी मेरे भाई-बहन हैं। मैं अपने देश से प्रेम करता हूँ और इसकी समृद्ध तथा विविध संस्कृति पर मुझे गर्व है। मैं सदा इसका सुयोग्य अधिकारी बनने का प्रयत्न करता रहूँगा। मैं अपने माता-पिता, शिक्षकों एवं गुरुजनों का सम्मान करूँगा और हर किसी के साथ विनीत रहूँगा। मैं अपने देश और देशवासियों के प्रति सत्यनिष्ठा की प्रतिज्ञा करता हूँ। उनके कल्याण और समृद्धि में ही मेरा सुख निहित है।
Preamble to the Constitution of India (Sanvidhan)
National Constitution Preambleहम, भारत के लोग, भारत को एक संपूर्ण प्रभुत्व-संपन्न, समाजवादी, पंथनिरपेक्ष, लोकतंत्रात्मक गणराज्य बनाने के लिए, तथा उसके समस्त नागरिकों को: सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय, विचार, अभिव्यक्ति, विश्वास, धर्म और उपासना की स्वतंत्रता, प्रतिष्ठा और अवसर की समता, प्राप्त कराने के लिए, तथा उन सब में व्यक्ति की गरिमा और राष्ट्र की एकता और अखंडता सुनिश्चित करने वाली बंधुता बढ़ाने के लिए दृढ़संकल्प होकर अपनी इस संविधान सभा में आज तारीख 26 नवम्बर 1949 ई॰ को एतद्द्वारा इस संविधान को अंगीकृत, अधिनियमित और आत्मार्पित करते हैं।
Vande Mataram
National Songवन्दे मातरम्। सुजलां सुफलां मलयजशीतलाम्, शस्यश्यामलां मातरम्। शुभ्रज्योत्स्नापुलकितयामिनीं, फुल्लकुसुमितद्रुमदलशोभिनीं, सुहासिनीं सुमधुर भाषिणीं, सुखदां वरदां मातरम्॥