परिपाठ — महाराष्ट्रातील शाळांसाठी दैनंदिन शालेय परिपाठ
दररोजचा सुविचार, दिनविशेष, पंचांग, बातम्या, प्रार्थना, बोधकथा आणि शैक्षणिक साहित्य — सर्व एकाच ठिकाणी
आजचे विशेष
रविवार, 26 जुलै 2026सुविचार
→❝ शिक्षित बनो, संगठित रहो, संघर्ष करो। ❞
शिक्षित बनो, संगठित रहो और संघर्ष करो।
पंचांग
→आजचे पंचांग उपलब्ध नाही
संस्कृत सुभाषित
सर्व पहा →जेणे विषयांचेनि मिषे । बुद्धीचिये कळा नाशे । जेणे मोहविले असे । विवेकबळ ॥
📖 विस्तार →ज्या विषयांच्या मोहामुळे बुद्धीची चमक (तेज) नष्ट होते आणि ज्याने माणसाची सारासार विचार करण्याची शक्ती (विवेक) पूर्णपणे भुलविली जाते.
तरी अज्ञानासारिखें। दुसरें कांहीं न दिसे पाखें। जेणें आपणपें पारखें। कीजे मनुष्या॥
📖 विस्तार →अज्ञानासारखे दुसरे काहीही वाईट नाही, कारण अज्ञानामुळे माणूस स्वतःलाच विसरतो आणि स्वतःलाच परके मानू लागतो.
दिन विशेष 30
सर्व पहा →
मुंबई महापूर २००५
2005
कारगिल विजय दिवस
1999
दादाभाई नवरोजी यांची ब्रिटीश संसदेत निवड
1892आंतरराष्ट्रीय खारफुटी परिसंस्था संवर्धन दिन
2024आय.एन.एस. अरिहंतचे जलावतरण
2009अहमदाबाद साखळी बॉम्बस्फोट
2008कल्पना दत्त यांचे निधन
1995शाहू मोडक यांचे निधन
1993अमेरिकन विथ डिसेबिलिटीज ॲक्ट (ADA)
1990अपोलो १५ मोहीम लाँच
1971महाराष्ट्र राज्य हातमाग महामंडळाची स्थापना
1971मालदीव स्वातंत्र्य दिन
1965सँड्रा बुलक यांचा जन्म
1964केविन स्पेसी यांचा जन्म
1959सुएझ कालव्याचे राष्ट्रीयीकरण
1956इव्हा पेरॉन यांचे निधन
1952विद्या पटवर्धन यांचा जन्म
1945मिक जॅगर यांचा जन्म
1943दीप चंद बहमन यांचे निधन
1940स्टॅन्ले कुब्रिक यांचा जन्म
1928जेम्स लव्हलॉक यांचा जन्म
1919एफबीआय (FBI) ची स्थापना
1908न्यायमूर्ती पी. बी. गजेंद्रगडकर यांचा जन्म
1901ऑल्डस हक्सले यांचा जन्म
1894जुगल किशोर बिर्ला यांचा जन्म
1883कार्ल जुंग यांचा जन्म
1875जॉर्ज बर्नार्ड शॉ यांचा जन्म
1856लायबेरिया स्वातंत्र्य दिन
1847मुंबईत पहिल्या टपाल कचेरीची स्थापना
1837न्यूयॉर्क अमेरिकेचे ११ वे राज्य बनले
1788इंग्रजी शिक्षण
शिका →विषय: शाळेतील संवाद आणि वाक्यांचे प्रकार
वाक्यांचे प्रकार: विधानार्थी आणि प्रश्नार्थी
- classroom — कक्षा
- principal — प्राचार्य
- library — पुस्तकालय
प्रश्नमंजुषा
खेळा →विशेष लेख (ब्लॉग)
सर्व पहा →
महाराष्ट्र के सरकारी स्कूलों के छात्रों की चमकेगी किस्मत! अब 'नासा' और 'इसरो' की करेंगे सैर
महाराष्ट्र सरकार ने सरकारी स्कूलों के मेधावी छात्रों को नासा (NASA) और इसरो (ISRO) की यात्रा पर भेजन...
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फिनिश लाइन के परे: खेलो इंडिया २०२६ में कबड्डी और खो-खो के जरिए 'सहवीर्यं करवावहै' का पुनरुत्थान
जानिए कैसे २०२६ के खेलो इंडिया स्वदेशी खेल 'सहवीर्यं करवावहै' जैसी प्राचीन गुरुकुल नैतिकता को पुनर्ज...
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प्रस्तावना से ग्रहों तक: कैसे अनुच्छेद 51A(h) — वैज्ञानिक दृष्टिकोण का संवैधानिक कर्तव्य — भारत के २०२६ के अंतरिक्ष मिशनों को शक्ति दे रहा है
जानें कि कैसे भारतीय संविधान के अनुच्छेद 51A(h) के तहत वैज्ञानिक दृष्टिकोण का मौलिक कर्तव्य गगनयान औ...
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स्कूल असेंबली (परिपाठ) के फायदे और छात्रों पर प्रभाव
स्कूल असेंबली या परिपाठ के छात्रों पर होने वाले मनोवैज्ञानिक और शैक्षिक लाभों को विस्तार से जानें। क...
⏱️ 15 min readशैक्षणिक खेळ
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सर्व पहा →Jana Gana Mana
National Anthemजन-गण-मन अधिनायक जय हे, भारत-भाग्य-विधाता। पंजाब-सिन्धु-गुजरात-मराठा, द्राविड़-उत्कल-बङ्ग। विन्ध्य-हिमाचल-यमुना-गङ्गा, उच्छल-जलधि-तरङ्ग। तव शुभ नामे जागे, तव शुभ आशिष मागे, गाहे तव जय-गाथा। जन-गण-मङ्गल-दायक जय हे, भारत-भाग्य-विधाता। जय हे, जय हे, जय हे, जय जय जय जय हे॥
National Pledge (Pratidnya / Pratigya)
National Pledgeभारत मेरा देश है। सब भारतवासी मेरे भाई-बहन हैं। मैं अपने देश से प्रेम करता हूँ और इसकी समृद्ध तथा विविध संस्कृति पर मुझे गर्व है। मैं सदा इसका सुयोग्य अधिकारी बनने का प्रयत्न करता रहूँगा। मैं अपने माता-पिता, शिक्षकों एवं गुरुजनों का सम्मान करूँगा और हर किसी के साथ विनीत रहूँगा। मैं अपने देश और देशवासियों के प्रति सत्यनिष्ठा की प्रतिज्ञा करता हूँ। उनके कल्याण और समृद्धि में ही मेरा सुख निहित है।
Preamble to the Constitution of India (Sanvidhan)
National Constitution Preambleहम, भारत के लोग, भारत को एक संपूर्ण प्रभुत्व-संपन्न, समाजवादी, पंथनिरपेक्ष, लोकतंत्रात्मक गणराज्य बनाने के लिए, तथा उसके समस्त नागरिकों को: सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय, विचार, अभिव्यक्ति, विश्वास, धर्म और उपासना की स्वतंत्रता, प्रतिष्ठा और अवसर की समता, प्राप्त कराने के लिए, तथा उन सब में व्यक्ति की गरिमा और राष्ट्र की एकता और अखंडता सुनिश्चित करने वाली बंधुता बढ़ाने के लिए दृढ़संकल्प होकर अपनी इस संविधान सभा में आज तारीख 26 नवम्बर 1949 ई॰ को एतद्द्वारा इस संविधान को अंगीकृत, अधिनियमित और आत्मार्पित करते हैं।
Vande Mataram
National Songवन्दे मातरम्। सुजलां सुफलां मलयजशीतलाम्, शस्यश्यामलां मातरम्। शुभ्रज्योत्स्नापुलकितयामिनीं, फुल्लकुसुमितद्रुमदलशोभिनीं, सुहासिनीं सुमधुर भाषिणीं, सुखदां वरदां मातरम्॥