परिपाठ — महाराष्ट्रातील शाळांसाठी दैनंदिन शालेय परिपाठ
दररोजचा सुविचार, दिनविशेष, पंचांग, बातम्या, प्रार्थना, बोधकथा आणि शैक्षणिक साहित्य — सर्व एकाच ठिकाणी
आजचे विशेष
शुक्रवार, 24 जुलै 2026सुविचार
→❝ परोपकार ही पुण्य है। ❞
दूसरों की भलाई पुण्य है और दूसरों को दुख देना पाप।
पंचांग
→आजचे पंचांग उपलब्ध नाही
संस्कृत सुभाषित
सर्व पहा →मग तयाचिया दृष्टी । हवि जे जे सृष्टी । ते ब्रह्मचि मुष्टी । भरले असे ॥
📖 विस्तार →त्या आत्मज्ञानी पुरुषाच्या नजरेत या जगातील जे काही अर्पण करण्याचे पदार्थ (हवि) आहेत, ते सर्व ब्रह्मच आहेत असे त्याला वाटते.
म्हणोनि समर्थें जे जे कीजे । तें तें लोकीं प्रमाण मानिजे । मग सामान्येंही अनुष्ठिजे । तेंचि मार्गें ॥
📖 विस्तार →म्हणून थोर किंवा सामर्थ्यवान माणसे जे जे काही करतात, त्यालाच लोक प्रमाण (आदर्श) मानतात आणि मग सामान्य लोकही त्याच मार्गाचे अनुसरण करतात.
दिन विशेष 28
सर्व पहा →
भारताचे नवीन औद्योगिक धोरण जाहीर
1991
उत्तम कुमार यांचे निधन
1980
अपोलो ११ चे सुरक्षित पुनरागमन
1969
अझीम प्रेमजी यांचा जन्म
1945
मनोज कुमार यांचा जन्म
1937
विठ्ठलराव विखे पाटील यांचा जन्म
1911
माचू पिचूचा शोध
1911
आयकर दिवस (भारतात पहिल्यांदा आयकर लागू)
1860प्रा. यशपाल यांचे निधन
2017यू. आर. राव यांचे निधन
2017छाया दातार यांचे निधन
2012एस. निजलिंगप्पा यांचे निधन
2000तुतीकोरीन येथे जड पाणी प्रकल्पाची सुरुवात
1982जेनिफर लोपेझ यांचा जन्म
1969किचन डिबेट (निक्सन विरुद्ध ख्रुश्चेव्ह)
1959माज्दानेक छळछावणीची मुक्ती
1944इन्स्टंट कॉफीचा शोध (नेस्ले)
1938अर्जुन सिंह यांचा जन्म
1938जी. राम रेड्डी यांचा जन्म
1935डॉ. आंबेडकरांचे दामोदर हॉलमधील भाषण
1932केशूभाई पटेल यांचा जन्म
1928रामविलास शर्मा यांचा जन्म
1924लॉझॅनचा तह
1923बिली टेलर यांचा जन्म
1921एस.एस. ईस्टलँड जहाजाची दुर्घटना
1915मॅरेथॉनचे अंतर अधिकृतपणे निश्चित
1908कॅप्टन मॅथ्यू वेब यांचे निधन
1883चिलीमध्ये गुलामगिरी संपुष्टात
1823इंग्रजी शिक्षण
शिका →विषय: वाक्यांचे प्रकार - आज्ञार्थी वाक्ये
आज्ञा किंवा विनंती करणारी वाक्ये
- medicine — दवा
- symptoms — लक्षण
- health — स्वास्थ्य
प्रश्नमंजुषा
खेळा →विशेष लेख (ब्लॉग)
सर्व पहा →
महाराष्ट्र के सरकारी स्कूलों के छात्रों की चमकेगी किस्मत! अब 'नासा' और 'इसरो' की करेंगे सैर
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फिनिश लाइन के परे: खेलो इंडिया २०२६ में कबड्डी और खो-खो के जरिए 'सहवीर्यं करवावहै' का पुनरुत्थान
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स्कूल असेंबली (परिपाठ) के फायदे और छात्रों पर प्रभाव
स्कूल असेंबली या परिपाठ के छात्रों पर होने वाले मनोवैज्ञानिक और शैक्षिक लाभों को विस्तार से जानें। क...
⏱️ 15 min readशैक्षणिक खेळ
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सर्व पहा →Jana Gana Mana
National Anthemजन-गण-मन अधिनायक जय हे, भारत-भाग्य-विधाता। पंजाब-सिन्धु-गुजरात-मराठा, द्राविड़-उत्कल-बङ्ग। विन्ध्य-हिमाचल-यमुना-गङ्गा, उच्छल-जलधि-तरङ्ग। तव शुभ नामे जागे, तव शुभ आशिष मागे, गाहे तव जय-गाथा। जन-गण-मङ्गल-दायक जय हे, भारत-भाग्य-विधाता। जय हे, जय हे, जय हे, जय जय जय जय हे॥
National Pledge (Pratidnya / Pratigya)
National Pledgeभारत मेरा देश है। सब भारतवासी मेरे भाई-बहन हैं। मैं अपने देश से प्रेम करता हूँ और इसकी समृद्ध तथा विविध संस्कृति पर मुझे गर्व है। मैं सदा इसका सुयोग्य अधिकारी बनने का प्रयत्न करता रहूँगा। मैं अपने माता-पिता, शिक्षकों एवं गुरुजनों का सम्मान करूँगा और हर किसी के साथ विनीत रहूँगा। मैं अपने देश और देशवासियों के प्रति सत्यनिष्ठा की प्रतिज्ञा करता हूँ। उनके कल्याण और समृद्धि में ही मेरा सुख निहित है।
Preamble to the Constitution of India (Sanvidhan)
National Constitution Preambleहम, भारत के लोग, भारत को एक संपूर्ण प्रभुत्व-संपन्न, समाजवादी, पंथनिरपेक्ष, लोकतंत्रात्मक गणराज्य बनाने के लिए, तथा उसके समस्त नागरिकों को: सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय, विचार, अभिव्यक्ति, विश्वास, धर्म और उपासना की स्वतंत्रता, प्रतिष्ठा और अवसर की समता, प्राप्त कराने के लिए, तथा उन सब में व्यक्ति की गरिमा और राष्ट्र की एकता और अखंडता सुनिश्चित करने वाली बंधुता बढ़ाने के लिए दृढ़संकल्प होकर अपनी इस संविधान सभा में आज तारीख 26 नवम्बर 1949 ई॰ को एतद्द्वारा इस संविधान को अंगीकृत, अधिनियमित और आत्मार्पित करते हैं।
Vande Mataram
National Songवन्दे मातरम्। सुजलां सुफलां मलयजशीतलाम्, शस्यश्यामलां मातरम्। शुभ्रज्योत्स्नापुलकितयामिनीं, फुल्लकुसुमितद्रुमदलशोभिनीं, सुहासिनीं सुमधुर भाषिणीं, सुखदां वरदां मातरम्॥