परिपाठ — महाराष्ट्रातील शाळांसाठी दैनंदिन शालेय परिपाठ
दररोजचा सुविचार, दिनविशेष, पंचांग, बातम्या, प्रार्थना, बोधकथा आणि शैक्षणिक साहित्य — सर्व एकाच ठिकाणी
आजचे विशेष
शुक्रवार, 17 जुलै 2026सुविचार
→❝ साहस संकट पर हमला करना है। ❞
साहस संकट पर प्रहार करने में है, उसका इंतज़ार करने में नहीं।
पंचांग
→संस्कृत सुभाषित
सर्व पहा →तरी उचित कर्म सांडावें । कीं निषिद्ध तें आचरावें । हें कांहींच न लागावें । तयासी पैं ॥ ६९ ॥
📖 विस्तार →ज्याला आत्मज्ञान झाले आहे, त्याला 'हे चांगले काम करावे' किंवा 'हे वाईट काम टाळावे' असे कोणतेही बंधन उरत नाही.
म्हणोनि अर्जुना पाहीं । जयाचें चित्त समत्वें राही । तोचि ब्रह्म यांत संशय नाहीं । सत्य जाणावें ॥
📖 विस्तार →म्हणून अर्जुना, ज्याचे मन सर्वांकडे सारख्याच भावनेने पाहते, तो माणूस प्रत्यक्ष ईश्वरासारखाच (ब्रह्म) असतो, यात काहीच शंका नाही; हे तू सत्य समज.
दिन विशेष 28
सर्व पहा →
मद्रास शहराचे 'चेन्नई' असे नामांतर
1996
कॅलिफोर्नियामध्ये डिझेलँडचे उद्घाटन
1955
महिलांना IAS आणि IPS परीक्षांसाठी पात्रता
1948
पोट्सडॅम परिषदेची सुरुवात
1945
बी. आर. देवधर यांचा जन्म
1901
जागतिक आंतरराष्ट्रीय न्याय दिन
मलेशिया एअरलाईन्स विमान MH17 दुर्घटना
2014सुफी गायक बरकत सिद्धू यांचे निधन
2013एडवर्ड हीथ यांचे निधन
2005शूमेकर-लेव्ही ९ धूमकेतू गुरू ग्रहावर धडकला
1994कानन देवी यांचा स्मृतीदिन
1992भारतीय हवाई दलात मिराज-२००० विमानांचा समावेश
1987रवी किशन यांचा जन्म
1981अपोलो-सोयुज अंतराळ यानांचे डॉकिंग
1975इंदुलाल याज्ञिक यांचा स्मृतीदिन
1972अभिनेत्री झरिना वहाब यांचा जन्म
1959अँजेला मर्केल यांचा जन्म
1954ज्येष्ठ पत्रकार उत्तम कांबळे यांचा जन्म
1950क्वीन कॅमिला यांचा जन्म
1947स्पॅनिश यादवी युद्धाची सुरुवात
1936जगातील पहिले पार्किंग मीटर बसवण्यात आले
1935सिस्टर निर्मला यांचा जन्म
1934पटकथा लेखक सचिन भौमिक यांचा जन्म
1930डॉ. बी. एन. पुरंदरे यांचा जन्म
1923रशियन राजघराण्यातील निकोलस II यांची हत्या
1918ब्रिटीश राजघराण्याचे नाव बदलले
1917लेखक वि. ग. कानिटकर यांचा जन्म
1912जागतिक इमोजी दिन
इंग्रजी शिक्षण
शिका →विषय: मित्राला भेटणे आणि आज्ञार्थी वाक्ये
आज्ञार्थी वाक्ये (वाक्यांचे प्रकार)
- pleasant — सुखद
- gather — इकट्ठा करना
- reminisce — पुरानी यादें ताजा करना
प्रश्नमंजुषा
खेळा →विशेष लेख (ब्लॉग)
सर्व पहा →आपला तिरंगा: केवळ ध्वज नाही, तर देशाभिमानाचे प्रतीक!
आपला तिरंगा, भारताचा राष्ट्रध्वज, केवळ एक कापडाचा तुकडा नाही, तर तो आपल्या देशाच्या गौरवशाली इतिहासा...
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हम्पी के 'डिजिटल ट्विन्स': ३डी लेजर स्कैनिंग और वीआर के माध्यम से विजयनगर साम्राज्य की खोज
जानिए कैसे ३डी लेजर स्कैनिंग और वीआर तकनीक विजयनगर साम्राज्य की राजधानी हम्पी को डिजिटल रूप में पुनर...
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ग्रैंड एनीकट (कल्लनई): चोल राजवंश के 2,000 साल पुराने इंजीनियरिंग रहस्यों का खुलासा
ग्रैंड एनीकट (कल्लनई) के 2,000 साल पुराने इंजीनियरिंग रहस्यों को जानें, जो चोल राजवंश द्वारा निर्मित...
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1000 साल पुराना सुडोकू: चौसठ योगिनी मंदिर के गणितीय चमत्कार और आधुनिक उपग्रह कक्षा
मुरैना के 11वीं शताब्दी के चौसठ योगिनी मंदिर, इसकी 64-ग्रिड सुडोकू जैसी ज्यामिति, और इसके वृत्ताकार ...
⏱️ 15 min readशैक्षणिक खेळ
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सर्व पहा →Jana Gana Mana
National Anthemजन-गण-मन अधिनायक जय हे, भारत-भाग्य-विधाता। पंजाब-सिन्धु-गुजरात-मराठा, द्राविड़-उत्कल-बङ्ग। विन्ध्य-हिमाचल-यमुना-गङ्गा, उच्छल-जलधि-तरङ्ग। तव शुभ नामे जागे, तव शुभ आशिष मागे, गाहे तव जय-गाथा। जन-गण-मङ्गल-दायक जय हे, भारत-भाग्य-विधाता। जय हे, जय हे, जय हे, जय जय जय जय हे॥
National Pledge (Pratidnya / Pratigya)
National Pledgeभारत मेरा देश है। सब भारतवासी मेरे भाई-बहन हैं। मैं अपने देश से प्रेम करता हूँ और इसकी समृद्ध तथा विविध संस्कृति पर मुझे गर्व है। मैं सदा इसका सुयोग्य अधिकारी बनने का प्रयत्न करता रहूँगा। मैं अपने माता-पिता, शिक्षकों एवं गुरुजनों का सम्मान करूँगा और हर किसी के साथ विनीत रहूँगा। मैं अपने देश और देशवासियों के प्रति सत्यनिष्ठा की प्रतिज्ञा करता हूँ। उनके कल्याण और समृद्धि में ही मेरा सुख निहित है।
Preamble to the Constitution of India (Sanvidhan)
National Constitution Preambleहम, भारत के लोग, भारत को एक संपूर्ण प्रभुत्व-संपन्न, समाजवादी, पंथनिरपेक्ष, लोकतंत्रात्मक गणराज्य बनाने के लिए, तथा उसके समस्त नागरिकों को: सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय, विचार, अभिव्यक्ति, विश्वास, धर्म और उपासना की स्वतंत्रता, प्रतिष्ठा और अवसर की समता, प्राप्त कराने के लिए, तथा उन सब में व्यक्ति की गरिमा और राष्ट्र की एकता और अखंडता सुनिश्चित करने वाली बंधुता बढ़ाने के लिए दृढ़संकल्प होकर अपनी इस संविधान सभा में आज तारीख 26 नवम्बर 1949 ई॰ को एतद्द्वारा इस संविधान को अंगीकृत, अधिनियमित और आत्मार्पित करते हैं।
Vande Mataram
National Songवन्दे मातरम्। सुजलां सुफलां मलयजशीतलाम्, शस्यश्यामलां मातरम्। शुभ्रज्योत्स्नापुलकितयामिनीं, फुल्लकुसुमितद्रुमदलशोभिनीं, सुहासिनीं सुमधुर भाषिणीं, सुखदां वरदां मातरम्॥