परिपाठ — महाराष्ट्रातील शाळांसाठी दैनंदिन शालेय परिपाठ
दररोजचा सुविचार, दिनविशेष, पंचांग, बातम्या, प्रार्थना, बोधकथा आणि शैक्षणिक साहित्य — सर्व एकाच ठिकाणी
आजचे विशेष
गुरुवार, 16 जुलै 2026सुविचार
→❝ शब्द शस्त्र हैं और शब्द ही मरहम। ❞
शब्द ही शस्त्र बनते हैं और शब्द ही मरहम।
पंचांग
→संस्कृत सुभाषित
सर्व पहा →तैसे अध्यात्मशास्त्रीं इये । जेथ अर्जुनु अधिकारु लाहे । तेथ श्रीकृष्णुचि वदता होये । हें नवल नोहे ॥ ३३ ॥
📖 विस्तार →ज्याप्रमाणे या अध्यात्मशास्त्रामध्ये (गीतेत) अर्जुन हा ऐकण्यास पात्र आहे आणि स्वतः श्रीकृष्ण सांगणारे आहेत, यात नवल वाटण्यासारखे काहीच नाही.
जेथ कर्म नाम आटले । कर्तेपणही हारपले । तेथ अकर्म सहज जाहले । आपणचि ॥ २१७ ॥
📖 विस्तार →जेव्हा कर्माचे अस्तित्व संपते आणि 'मी करतो' हा अहंकार नाहीसा होतो, तेव्हा ते कर्म आपोआप 'अकर्म' (बंधमुक्त कर्म) बनते.
दिन विशेष 25
सर्व पहा →
अपोलो ११ चे यशस्वी प्रक्षेपण
1969
हॉकी खेळाडू धनराज पिल्ले यांचा जन्म
1968
भारतीय कृषी संशोधन परिषदेची (ICAR) स्थापना
1929
स्वातंत्र्यसैनिक अरुणा असफ अली यांचा जन्म
1909
हिंदू विधवा पुनर्विवाह कायदा १८५६ लागू
1856
गोविंद बल्लाळ देवल यांचा जन्म
1855बिहार माध्यान्ह भोजन विषबाधा दुर्घटना
2013कुंभकोणम शाळा दुर्घटना
2004शूमेकर-लेव्ही ९ धूमकेतू गुरू ग्रहावर आदळला
1994अभिनेत्री कतरिना कैफ यांचा जन्म
1983सद्दाम हुसेन इराकचे राष्ट्राध्यक्ष बनले
1979एअर इंडियाचे पहिले मुंबई-सिंगापूर विमान उड्डाण
1954जे. डी. सॅलिंजर यांची 'द कॅचर इन द राय' प्रसिद्ध
1951फिफा विश्वचषक १९५०: उरुग्वे विजयी
1950महिलांना आयएएस (IAS) आणि आयपीएस (IPS) साठी पात्रता
1948ब्रिटीश हाऊस ऑफ लॉर्ड्सने भारतीय स्वातंत्र्य विधेयकाला मंजुरी दिली
1947जगातील पहिली अणुचाचणी (ट्रिनिटी टेस्ट)
1945संगीतकार झरीन मेहता यांचा जन्म
1938जगातील पहिले पार्किंग मीटर बसवण्यात आले
1935राजकारणी एस. एम. कृष्णा यांचा जन्म
1932रशियाच्या रोमनोव्ह राजघराण्याची हत्या
1918हिंदी नाटककार जगदीशचंद्र माथूर यांचा जन्म
1917स्वदेशी चळवळीचा आणि बहिष्काराचा ठराव
1905इतिहासकार त्र्यंबक शंकर शेजवलकर यांचा जन्म
1895साहसी शोधक रोआल्ड अमुंडसेन यांचा जन्म
1872इंग्रजी शिक्षण
शिका →विषय: स्थिती आणि खरेदी
शब्दयोगी अव्यये (आत, वर, खाली)
- basket — टोकरी
- fresh — ताज़ा
- vendor — विक्रेता
प्रश्नमंजुषा
खेळा →विशेष लेख (ब्लॉग)
सर्व पहा →
आंतरराष्ट्रीय सांकेतिक भाषा दिन: संवादाचे पूल कसे जोडायचे? | परिपाठ
२३ सप्टेंबर हा आंतरराष्ट्रीय सांकेतिक भाषा दिन म्हणून साजरा केला जातो. हा दिवस सांकेतिक भाषेचे महत्त...
⏱️ 8 min read
हम्पी के 'डिजिटल ट्विन्स': ३डी लेजर स्कैनिंग और वीआर के माध्यम से विजयनगर साम्राज्य की खोज
जानिए कैसे ३डी लेजर स्कैनिंग और वीआर तकनीक विजयनगर साम्राज्य की राजधानी हम्पी को डिजिटल रूप में पुनर...
⏱️ 20 min read
ग्रैंड एनीकट (कल्लनई): चोल राजवंश के 2,000 साल पुराने इंजीनियरिंग रहस्यों का खुलासा
ग्रैंड एनीकट (कल्लनई) के 2,000 साल पुराने इंजीनियरिंग रहस्यों को जानें, जो चोल राजवंश द्वारा निर्मित...
⏱️ 12 min read
1000 साल पुराना सुडोकू: चौसठ योगिनी मंदिर के गणितीय चमत्कार और आधुनिक उपग्रह कक्षा
मुरैना के 11वीं शताब्दी के चौसठ योगिनी मंदिर, इसकी 64-ग्रिड सुडोकू जैसी ज्यामिति, और इसके वृत्ताकार ...
⏱️ 15 min readशैक्षणिक खेळ
खेळा →साहित्य डाऊनलोड
मिळवा →सभा आवश्यकताएँ
सर्व पहा →Jana Gana Mana
National Anthemजन-गण-मन अधिनायक जय हे, भारत-भाग्य-विधाता। पंजाब-सिन्धु-गुजरात-मराठा, द्राविड़-उत्कल-बङ्ग। विन्ध्य-हिमाचल-यमुना-गङ्गा, उच्छल-जलधि-तरङ्ग। तव शुभ नामे जागे, तव शुभ आशिष मागे, गाहे तव जय-गाथा। जन-गण-मङ्गल-दायक जय हे, भारत-भाग्य-विधाता। जय हे, जय हे, जय हे, जय जय जय जय हे॥
National Pledge (Pratidnya / Pratigya)
National Pledgeभारत मेरा देश है। सब भारतवासी मेरे भाई-बहन हैं। मैं अपने देश से प्रेम करता हूँ और इसकी समृद्ध तथा विविध संस्कृति पर मुझे गर्व है। मैं सदा इसका सुयोग्य अधिकारी बनने का प्रयत्न करता रहूँगा। मैं अपने माता-पिता, शिक्षकों एवं गुरुजनों का सम्मान करूँगा और हर किसी के साथ विनीत रहूँगा। मैं अपने देश और देशवासियों के प्रति सत्यनिष्ठा की प्रतिज्ञा करता हूँ। उनके कल्याण और समृद्धि में ही मेरा सुख निहित है।
Preamble to the Constitution of India (Sanvidhan)
National Constitution Preambleहम, भारत के लोग, भारत को एक संपूर्ण प्रभुत्व-संपन्न, समाजवादी, पंथनिरपेक्ष, लोकतंत्रात्मक गणराज्य बनाने के लिए, तथा उसके समस्त नागरिकों को: सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय, विचार, अभिव्यक्ति, विश्वास, धर्म और उपासना की स्वतंत्रता, प्रतिष्ठा और अवसर की समता, प्राप्त कराने के लिए, तथा उन सब में व्यक्ति की गरिमा और राष्ट्र की एकता और अखंडता सुनिश्चित करने वाली बंधुता बढ़ाने के लिए दृढ़संकल्प होकर अपनी इस संविधान सभा में आज तारीख 26 नवम्बर 1949 ई॰ को एतद्द्वारा इस संविधान को अंगीकृत, अधिनियमित और आत्मार्पित करते हैं।
Vande Mataram
National Songवन्दे मातरम्। सुजलां सुफलां मलयजशीतलाम्, शस्यश्यामलां मातरम्। शुभ्रज्योत्स्नापुलकितयामिनीं, फुल्लकुसुमितद्रुमदलशोभिनीं, सुहासिनीं सुमधुर भाषिणीं, सुखदां वरदां मातरम्॥