परिपाठ — महाराष्ट्रातील शाळांसाठी दैनंदिन शालेय परिपाठ
दररोजचा सुविचार, दिनविशेष, पंचांग, बातम्या, प्रार्थना, बोधकथा आणि शैक्षणिक साहित्य — सर्व एकाच ठिकाणी
आजचे विशेष
रविवार, 12 जुलै 2026सुविचार
→❝ सत्य कभी अशुद्ध नहीं होता। ❞
सत्य कभी अशुद्ध नहीं होता, वह सदैव पवित्र होता है।
पंचांग
→आजचे पंचांग उपलब्ध नाही
संस्कृत सुभाषित
सर्व पहा →जैसा गगनीं गगनु लोपे । कीं तो गगनींचि असे रूपें । तैसा मी मजचि स्वरूपें । संचरलों असे ॥
📖 विस्तार →ज्याप्रमाणे आकाशात आकाश मिसळले तरी ते आकाशच राहते, त्याप्रमाणे मी माझ्या स्वतःच्या स्वरूपातच सामावलेला आहे.
जैसा कूर्मु आपुलीं अंगें । प्रवेसे आपुलियांचि पांगें । तैसीं इंद्रियें विषयसंगें । सांडूनि येती ॥ १५८ ॥
📖 विस्तार →ज्याप्रमाणे कासव आपली सर्व अंगे स्वतःच्या इच्छेने आपल्या कवचात ओढून घेते, त्याप्रमाणे ज्ञानी माणूस आपली इंद्रिये विषयांपासून सहजपणे बाजूला काढून घेतो.
दिन विशेष 27
सर्व पहा →
जेम्स वेब दुर्बिणीने पहिली चित्रे पाठवली
2022
दरा सिंग यांचे निधन
2012
मलाला युसूफझाई जन्मदिन (मलाला दिन)
1997
नाबार्डची (NABARD) स्थापना
1982
पानशेत धरण दुर्घटना
1961
विमल रॉय यांचा जन्म
1909जागतिक पेपर बॅग दिन
2023मिताली राजचा जागतिक विक्रम
2017प्राण (अभिनेता) यांचे निधन
2013फ्रान्सने फिफा विश्वचषक जिंकला
1998सत्येंद्र नारायण सिन्हा यांचे निधन
1994जगन्नाथराव जोशी यांचे निधन
1991लक्ष्मी राय (राय लक्ष्मी) यांचा जन्म
1984किरिबाटी देशाला स्वातंत्र्य
1979सारिका यांचा जन्म
1960आरएसएस (RSS) वरील बंदी उठवली
1949अॅग्नेलो रुफस यांचा जन्म
1943एकनाथ ठाकूर यांचा जन्म
1941सुंदरसिंह भंडारी यांचा जन्म
1921ल्युडमिला पावलिचेंको यांचा जन्म
1916चार्ल्स रोल्स यांचा विमान अपघातात मृत्यू
1910पाब्लो नेरुदा यांचा जन्म
1904जॉर्ज ईस्टमन यांचा जन्म
1854पहिली भारतीय वाफेवर चालणारी बोट
1823हेन्री डेव्हिड थोरो यांचा जन्म
1817अलेक्झांडर हॅमिल्टन यांचे निधन
1804ज्युलियस सीझर यांचा जन्म
100इंग्रजी शिक्षण
शिका →विषय: चालू वर्तमानकाळ आणि बसचा प्रवास
चालू वर्तमानकाळ
- conductor — कंडक्टर
- ticket — टिकट
- seat — सीट/जगह
प्रश्नमंजुषा
खेळा →विशेष लेख (ब्लॉग)
सर्व पहा →
आदर्श परिपाठ के लिए १० महत्वपूर्ण टिप्स: स्कूली जीवन में अनुशासन और संस्कार
अपने स्कूल की सुबह की सभा (परिपाठ) को आदर्श, आकर्षक और अनुशासित बनाने के लिए 10 महत्वपूर्ण टिप्स जान...
⏱️ 15 min read
फिनिश लाइन के परे: खेलो इंडिया २०२६ में कबड्डी और खो-खो के जरिए 'सहवीर्यं करवावहै' का पुनरुत्थान
जानिए कैसे २०२६ के खेलो इंडिया स्वदेशी खेल 'सहवीर्यं करवावहै' जैसी प्राचीन गुरुकुल नैतिकता को पुनर्ज...
⏱️ 15 min read
प्रस्तावना से ग्रहों तक: कैसे अनुच्छेद 51A(h) — वैज्ञानिक दृष्टिकोण का संवैधानिक कर्तव्य — भारत के २०२६ के अंतरिक्ष मिशनों को शक्ति दे रहा है
जानें कि कैसे भारतीय संविधान के अनुच्छेद 51A(h) के तहत वैज्ञानिक दृष्टिकोण का मौलिक कर्तव्य गगनयान औ...
⏱️ 15 min read
स्कूल असेंबली (परिपाठ) के फायदे और छात्रों पर प्रभाव
स्कूल असेंबली या परिपाठ के छात्रों पर होने वाले मनोवैज्ञानिक और शैक्षिक लाभों को विस्तार से जानें। क...
⏱️ 15 min readशैक्षणिक खेळ
खेळा →साहित्य डाऊनलोड
मिळवा →सभा आवश्यकताएँ
सर्व पहा →Jana Gana Mana
National Anthemजन-गण-मन अधिनायक जय हे, भारत-भाग्य-विधाता। पंजाब-सिन्धु-गुजरात-मराठा, द्राविड़-उत्कल-बङ्ग। विन्ध्य-हिमाचल-यमुना-गङ्गा, उच्छल-जलधि-तरङ्ग। तव शुभ नामे जागे, तव शुभ आशिष मागे, गाहे तव जय-गाथा। जन-गण-मङ्गल-दायक जय हे, भारत-भाग्य-विधाता। जय हे, जय हे, जय हे, जय जय जय जय हे॥
National Pledge (Pratidnya / Pratigya)
National Pledgeभारत मेरा देश है। सब भारतवासी मेरे भाई-बहन हैं। मैं अपने देश से प्रेम करता हूँ और इसकी समृद्ध तथा विविध संस्कृति पर मुझे गर्व है। मैं सदा इसका सुयोग्य अधिकारी बनने का प्रयत्न करता रहूँगा। मैं अपने माता-पिता, शिक्षकों एवं गुरुजनों का सम्मान करूँगा और हर किसी के साथ विनीत रहूँगा। मैं अपने देश और देशवासियों के प्रति सत्यनिष्ठा की प्रतिज्ञा करता हूँ। उनके कल्याण और समृद्धि में ही मेरा सुख निहित है।
Preamble to the Constitution of India (Sanvidhan)
National Constitution Preambleहम, भारत के लोग, भारत को एक संपूर्ण प्रभुत्व-संपन्न, समाजवादी, पंथनिरपेक्ष, लोकतंत्रात्मक गणराज्य बनाने के लिए, तथा उसके समस्त नागरिकों को: सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय, विचार, अभिव्यक्ति, विश्वास, धर्म और उपासना की स्वतंत्रता, प्रतिष्ठा और अवसर की समता, प्राप्त कराने के लिए, तथा उन सब में व्यक्ति की गरिमा और राष्ट्र की एकता और अखंडता सुनिश्चित करने वाली बंधुता बढ़ाने के लिए दृढ़संकल्प होकर अपनी इस संविधान सभा में आज तारीख 26 नवम्बर 1949 ई॰ को एतद्द्वारा इस संविधान को अंगीकृत, अधिनियमित और आत्मार्पित करते हैं।
Vande Mataram
National Songवन्दे मातरम्। सुजलां सुफलां मलयजशीतलाम्, शस्यश्यामलां मातरम्। शुभ्रज्योत्स्नापुलकितयामिनीं, फुल्लकुसुमितद्रुमदलशोभिनीं, सुहासिनीं सुमधुर भाषिणीं, सुखदां वरदां मातरम्॥