परिपाठ — महाराष्ट्रातील शाळांसाठी दैनंदिन शालेय परिपाठ
दररोजचा सुविचार, दिनविशेष, पंचांग, बातम्या, प्रार्थना, बोधकथा आणि शैक्षणिक साहित्य — सर्व एकाच ठिकाणी
आजचे विशेष
शुक्रवार, 10 जुलै 2026सुविचार
→❝ जो अपनी गलतियों को पहचान ले, वही समझदार है। ❞
जिसे अपने दोषों का आभास हो गया, वह बुद्धिमान हो गया।
पंचांग
→आजचे पंचांग उपलब्ध नाही
संस्कृत सुभाषित
सर्व पहा →म्हणोनि कर्म सांडिजे । कीं सांडूनि सुखी होइजे । हें न घडे गा सहजे । अर्जुना पां ॥
📖 विस्तार →म्हणून अर्जुना, कर्म सोडून द्यावे किंवा कर्म सोडल्याने सुखी होता येईल, हे सहज शक्य नाही.
जेथ अर्जुना कर्माचां ठायीं । कर्माभावोचि दिसे पाहीं । आणि अकर्मामाजीं सर्वही । कर्मचि असे ॥३४॥
📖 विस्तार →अर्जुना, जो कर्मामध्ये अकर्म (कर्म नसणे) पाहतो आणि अकर्मामध्ये (शांत बसलेले असतानाही) कर्म पाहतो, तोच खरा बुद्धिमान माणूस आहे.
दिन विशेष 28
सर्व पहा →
राष्ट्रीय मत्स्य शेतकरी दिवस
1957
सुनील गावस्कर यांचा जन्मदिन
1949
मेहेर बाबा यांच्या मौन व्रताची सुरुवात
1925
निकोला टेस्ला यांचा जन्मदिन
1856इस्रोकडून पाच ब्रिटीश उपग्रहांचे प्रक्षेपण
2015जोहरा सहगल यांचा स्मृतीदिन
2014डॉ. भक्ती यादव यांचा स्मृतीदिन
2005हुमायून अब्दुलअली यांचा स्मृतीदिन
2001आयएनएस सावित्री नौदलात सामील
1992रेनबो वॉरियर जहाजाचा स्फोट
1985टेलस्टार १ उपग्रहाचे प्रक्षेपण
1962आलोक नाथ यांचा जन्मदिन
1956राजनाथ सिंह यांचा जन्मदिन
1951कोटा श्रीनिवास राव यांचा जन्मदिन
1950मोहम्मद अली जिना यांची पाकिस्तानचे गव्हर्नर जनरल म्हणून घोषणा
1947अशोक हिंदुजा यांचा जन्मदिन
1946सॅसिलीवरील दोस्त राष्ट्रांचे आक्रमण
1943आर्थर अॅश यांचा जन्मदिन
1943बॅटल ऑफ ब्रिटनची सुरुवात
1940एस. एम. कृष्णा यांचा जन्मदिन
1932अॅलिस मन्रो यांचा जन्मदिन
1931नयनतारा सहगल यांचा जन्मदिन
1927जी. रामस्वामी यांचा जन्मदिन
1923प्रताप चंद्र चंद्र यांचा जन्मदिन
1919पंडित राम नारायण यांचा जन्मदिन
1906पॅरिस मेट्रोचे उद्घाटन
1900मार्सेल प्राउस्ट यांचा जन्मदिन
1871जॉन कॅल्विन यांचा जन्मदिन
1509विशेष लेख (ब्लॉग)
सर्व पहा →
आदर्श परिपाठ के लिए १० महत्वपूर्ण टिप्स: स्कूली जीवन में अनुशासन और संस्कार
अपने स्कूल की सुबह की सभा (परिपाठ) को आदर्श, आकर्षक और अनुशासित बनाने के लिए 10 महत्वपूर्ण टिप्स जान...
⏱️ 15 min read
फिनिश लाइन के परे: खेलो इंडिया २०२६ में कबड्डी और खो-खो के जरिए 'सहवीर्यं करवावहै' का पुनरुत्थान
जानिए कैसे २०२६ के खेलो इंडिया स्वदेशी खेल 'सहवीर्यं करवावहै' जैसी प्राचीन गुरुकुल नैतिकता को पुनर्ज...
⏱️ 15 min read
प्रस्तावना से ग्रहों तक: कैसे अनुच्छेद 51A(h) — वैज्ञानिक दृष्टिकोण का संवैधानिक कर्तव्य — भारत के २०२६ के अंतरिक्ष मिशनों को शक्ति दे रहा है
जानें कि कैसे भारतीय संविधान के अनुच्छेद 51A(h) के तहत वैज्ञानिक दृष्टिकोण का मौलिक कर्तव्य गगनयान औ...
⏱️ 15 min read
स्कूल असेंबली (परिपाठ) के फायदे और छात्रों पर प्रभाव
स्कूल असेंबली या परिपाठ के छात्रों पर होने वाले मनोवैज्ञानिक और शैक्षिक लाभों को विस्तार से जानें। क...
⏱️ 15 min readशैक्षणिक खेळ
खेळा →साहित्य डाऊनलोड
मिळवा →सभा आवश्यकताएँ
सर्व पहा →Jana Gana Mana
National Anthemजन-गण-मन अधिनायक जय हे, भारत-भाग्य-विधाता। पंजाब-सिन्धु-गुजरात-मराठा, द्राविड़-उत्कल-बङ्ग। विन्ध्य-हिमाचल-यमुना-गङ्गा, उच्छल-जलधि-तरङ्ग। तव शुभ नामे जागे, तव शुभ आशिष मागे, गाहे तव जय-गाथा। जन-गण-मङ्गल-दायक जय हे, भारत-भाग्य-विधाता। जय हे, जय हे, जय हे, जय जय जय जय हे॥
National Pledge (Pratidnya / Pratigya)
National Pledgeभारत मेरा देश है। सब भारतवासी मेरे भाई-बहन हैं। मैं अपने देश से प्रेम करता हूँ और इसकी समृद्ध तथा विविध संस्कृति पर मुझे गर्व है। मैं सदा इसका सुयोग्य अधिकारी बनने का प्रयत्न करता रहूँगा। मैं अपने माता-पिता, शिक्षकों एवं गुरुजनों का सम्मान करूँगा और हर किसी के साथ विनीत रहूँगा। मैं अपने देश और देशवासियों के प्रति सत्यनिष्ठा की प्रतिज्ञा करता हूँ। उनके कल्याण और समृद्धि में ही मेरा सुख निहित है।
Preamble to the Constitution of India (Sanvidhan)
National Constitution Preambleहम, भारत के लोग, भारत को एक संपूर्ण प्रभुत्व-संपन्न, समाजवादी, पंथनिरपेक्ष, लोकतंत्रात्मक गणराज्य बनाने के लिए, तथा उसके समस्त नागरिकों को: सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय, विचार, अभिव्यक्ति, विश्वास, धर्म और उपासना की स्वतंत्रता, प्रतिष्ठा और अवसर की समता, प्राप्त कराने के लिए, तथा उन सब में व्यक्ति की गरिमा और राष्ट्र की एकता और अखंडता सुनिश्चित करने वाली बंधुता बढ़ाने के लिए दृढ़संकल्प होकर अपनी इस संविधान सभा में आज तारीख 26 नवम्बर 1949 ई॰ को एतद्द्वारा इस संविधान को अंगीकृत, अधिनियमित और आत्मार्पित करते हैं।
Vande Mataram
National Songवन्दे मातरम्। सुजलां सुफलां मलयजशीतलाम्, शस्यश्यामलां मातरम्। शुभ्रज्योत्स्नापुलकितयामिनीं, फुल्लकुसुमितद्रुमदलशोभिनीं, सुहासिनीं सुमधुर भाषिणीं, सुखदां वरदां मातरम्॥