परिपाठ — महाराष्ट्रातील शाळांसाठी दैनंदिन शालेय परिपाठ
दररोजचा सुविचार, दिनविशेष, पंचांग, बातम्या, प्रार्थना, बोधकथा आणि शैक्षणिक साहित्य — सर्व एकाच ठिकाणी
आजचे विशेष
बुधवार, 08 जुलै 2026सुविचार
→❝ सच्चा धर्म वही, जो जगत को प्यार दे। ❞
सच्चा धर्म वही है जो दुनिया को प्यार देना सिखाए।
पंचांग
→आजचे पंचांग उपलब्ध नाही
संस्कृत सुभाषित
सर्व पहा →म्हणोनि समर्थें जे जे कीजे। तें तें इतरींही अनुष्ठिजे। तेंचि प्रमाण मानिजे। सामान्येंही॥
📖 विस्तार →म्हणून थोर किंवा श्रेष्ठ माणसे जे जे करतात, त्याचेच इतर लोकही अनुकरण करतात. श्रेष्ठ लोक जे करतात, त्यालाच सामान्य लोक आदर्श मानतात.
तरी संन्यास आणि योगु । हा एकचि कीं विभागु । जैसा नामभेदें प्रसंगु । एकाच अर्थाचा ॥ ३ ॥
📖 विस्तार →संन्यास आणि योग हे दोन्ही एकच आहेत. ज्याप्रमाणे एकाच गोष्टीला दोन वेगळी नावे असावीत, तसेच हे आहे.
दिन विशेष 26
सर्व पहा →
माजी पंतप्रधान चंद्रशेखर यांचे निधन
2007
कॅप्टन अनुज नय्यर यांचे बलिदान
1999
सौरव गांगुली यांचा जन्म
1972
भाक्रा नांगल धरणाचे उद्घाटन
1954
ज्योती बसू यांचा जन्म
1914
बाळासाहेब भारदे यांचा जन्म
1912
लिबर्टी बेलचे ऐतिहासिक वादन
1776
वास्को द गामा यांनी भारताच्या समुद्री प्रवासाची सुरुवात केली
1497शिंझो आबे यांची हत्या
2022अब्दुल सत्तार इधी यांचे निधन
2016स्पेस शटल अटलांटिसचे अंतिम प्रक्षेपण
2011नाटो (NATO) विस्ताराचा निर्णय
1997किम इल-सुंग यांचे निधन
1994सौर ऊर्जेवरील पहिल्या ऊर्जा केंद्राचे कार्यान्वयन
1981अभिनेत्री रेवती यांचा जन्म
1966एकनाथ खडसे यांचा जन्म
1960नीतू सिंग यांचा जन्म
1958वाय. एस. राजशेखर रेड्डी यांचा जन्म
1949रॉसवेल युएफओ (UFO) घटना
1947लेखक शांताराम पेंडसे यांचा जन्म
1918जी. व्ही. अय्यर यांचा जन्म
1916पी. जयराज यांचा जन्म
1909वामनराव देशपांडे यांचा जन्म
1907वॉल स्ट्रीट जर्नलचे पहिले प्रकाशन
1889जॉन डी. रॉकफेलर यांचा जन्म
1839जागतिक देहबोली दिन
इंग्रजी शिक्षण
शिका →विषय: बागेत आणि 'Can' चा वापर
साहाय्यकारी क्रियापद: Can (क्षमता)
- swing — झूला
- slide — फिसलपट्टी
- garden — बगीचा
प्रश्नमंजुषा
खेळा →विशेष लेख (ब्लॉग)
सर्व पहा →
आदर्श परिपाठ के लिए १० महत्वपूर्ण टिप्स: स्कूली जीवन में अनुशासन और संस्कार
अपने स्कूल की सुबह की सभा (परिपाठ) को आदर्श, आकर्षक और अनुशासित बनाने के लिए 10 महत्वपूर्ण टिप्स जान...
⏱️ 15 min read
फिनिश लाइन के परे: खेलो इंडिया २०२६ में कबड्डी और खो-खो के जरिए 'सहवीर्यं करवावहै' का पुनरुत्थान
जानिए कैसे २०२६ के खेलो इंडिया स्वदेशी खेल 'सहवीर्यं करवावहै' जैसी प्राचीन गुरुकुल नैतिकता को पुनर्ज...
⏱️ 15 min read
प्रस्तावना से ग्रहों तक: कैसे अनुच्छेद 51A(h) — वैज्ञानिक दृष्टिकोण का संवैधानिक कर्तव्य — भारत के २०२६ के अंतरिक्ष मिशनों को शक्ति दे रहा है
जानें कि कैसे भारतीय संविधान के अनुच्छेद 51A(h) के तहत वैज्ञानिक दृष्टिकोण का मौलिक कर्तव्य गगनयान औ...
⏱️ 15 min read
स्कूल असेंबली (परिपाठ) के फायदे और छात्रों पर प्रभाव
स्कूल असेंबली या परिपाठ के छात्रों पर होने वाले मनोवैज्ञानिक और शैक्षिक लाभों को विस्तार से जानें। क...
⏱️ 15 min readशैक्षणिक खेळ
खेळा →साहित्य डाऊनलोड
मिळवा →सभा आवश्यकताएँ
सर्व पहा →Jana Gana Mana
National Anthemजन-गण-मन अधिनायक जय हे, भारत-भाग्य-विधाता। पंजाब-सिन्धु-गुजरात-मराठा, द्राविड़-उत्कल-बङ्ग। विन्ध्य-हिमाचल-यमुना-गङ्गा, उच्छल-जलधि-तरङ्ग। तव शुभ नामे जागे, तव शुभ आशिष मागे, गाहे तव जय-गाथा। जन-गण-मङ्गल-दायक जय हे, भारत-भाग्य-विधाता। जय हे, जय हे, जय हे, जय जय जय जय हे॥
National Pledge (Pratidnya / Pratigya)
National Pledgeभारत मेरा देश है। सब भारतवासी मेरे भाई-बहन हैं। मैं अपने देश से प्रेम करता हूँ और इसकी समृद्ध तथा विविध संस्कृति पर मुझे गर्व है। मैं सदा इसका सुयोग्य अधिकारी बनने का प्रयत्न करता रहूँगा। मैं अपने माता-पिता, शिक्षकों एवं गुरुजनों का सम्मान करूँगा और हर किसी के साथ विनीत रहूँगा। मैं अपने देश और देशवासियों के प्रति सत्यनिष्ठा की प्रतिज्ञा करता हूँ। उनके कल्याण और समृद्धि में ही मेरा सुख निहित है।
Preamble to the Constitution of India (Sanvidhan)
National Constitution Preambleहम, भारत के लोग, भारत को एक संपूर्ण प्रभुत्व-संपन्न, समाजवादी, पंथनिरपेक्ष, लोकतंत्रात्मक गणराज्य बनाने के लिए, तथा उसके समस्त नागरिकों को: सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय, विचार, अभिव्यक्ति, विश्वास, धर्म और उपासना की स्वतंत्रता, प्रतिष्ठा और अवसर की समता, प्राप्त कराने के लिए, तथा उन सब में व्यक्ति की गरिमा और राष्ट्र की एकता और अखंडता सुनिश्चित करने वाली बंधुता बढ़ाने के लिए दृढ़संकल्प होकर अपनी इस संविधान सभा में आज तारीख 26 नवम्बर 1949 ई॰ को एतद्द्वारा इस संविधान को अंगीकृत, अधिनियमित और आत्मार्पित करते हैं।
Vande Mataram
National Songवन्दे मातरम्। सुजलां सुफलां मलयजशीतलाम्, शस्यश्यामलां मातरम्। शुभ्रज्योत्स्नापुलकितयामिनीं, फुल्लकुसुमितद्रुमदलशोभिनीं, सुहासिनीं सुमधुर भाषिणीं, सुखदां वरदां मातरम्॥