परिपाठ — महाराष्ट्रातील शाळांसाठी दैनंदिन शालेय परिपाठ
दररोजचा सुविचार, दिनविशेष, पंचांग, बातम्या, प्रार्थना, बोधकथा आणि शैक्षणिक साहित्य — सर्व एकाच ठिकाणी
आजचे विशेष
मंगळवार, 07 जुलै 2026सुविचार
→❝ शिक्षा के बिना मति गई। ❞
शिक्षा के बिना बुद्धि गई, बुद्धि के बिना नैतिकता गई, और इस तरह अविद्या ने सब नष्ट कर दिया।
पंचांग
→आजचे पंचांग उपलब्ध नाही
संस्कृत सुभाषित
सर्व पहा →तैसा देशीकार लेणें । लेवविलीं शब्दरत्नें । कीं हे अर्थाचें पाहाणें । अर्थासीचि ॥ ७७ ॥
📖 विस्तार →ज्याप्रमाणे दागिन्यांनी सौंदर्य वाढते, त्याप्रमाणे मी मराठी भाषेला शब्दांच्या रत्नांनी सजवले आहे. यामुळे मूळ अर्थालाच स्वतःचे सौंदर्य पाहून आनंद होईल.
म्हणोनि तूं अर्जुना । झणीं चित्तीं वाहासी खेदना । हें आदिअंतीं पाहातां ना । कांहींच नव्हे ॥ १३४ ॥
📖 विस्तार →म्हणून अर्जुना, तू मनात मुळीच दुःख करू नकोस. कारण सुरुवातीला आणि शेवटी विचार केला तर हे जग किंवा हे दुःख काहीच नाही (अशाश्वत आहे).
दिन विशेष 30
सर्व पहा →
दिलीप कुमार यांचे निधन
2021
जगातील सात नव्या आश्चर्यांची घोषणा
2007
कॅप्टन विक्रम बात्रा यांना वीरमरण
1999
महेंद्रसिंग धोनी यांचा जन्म
1981
संजीव कुमार यांचा जन्म
1938
रत्नाप्पा कुंभार यांचा जन्म
1909
भारतात पहिल्यांदा चित्रपट प्रदर्शन
1896
मुंबईत पहिल्या कापड गिरणीची स्थापना
1854बोधगया महाबोधी मंदिर साखळी बॉम्बस्फोट
2013लंडनमध्ये साखळी बॉम्बस्फोट
2005येमेन यादवी युद्धाचा शेवट
1994बोरिस बेकर यांचा ऐतिहासिक विम्बल्डन विजय
1985सँड्रा डे ओ'कॉनर यांची नियुक्ती
1981सीताराम शेकसारिया यांचे निधन
1974कैलास खेर यांचा जन्म
1973रेवती यांचा जन्म
1966दामोदर व्हॅली कॉर्पोरेशनची स्थापना
1948हॉवर्ड ह्यूजेस यांचे विमान अपघात
1946दुसरे महायुद्ध: अमेरिकन सैन्य आइसलँडमध्ये
1941चंदू बोर्डे यांचा जन्म
1940मार्को पोलो ब्रिज घटना
1937सर ऑर्थर कोनन डॉयल यांचे निधन
1930भाऊ पाध्ये यांचा जन्म
1926सर्वपल्ली गोपाल यांचा जन्म
1923स्टॉकहोम ऑलिम्पिकमध्ये १०,००० मीटर शर्यत
1912एच. डी. शौरी यांचा जन्म
1911पिनोकिओच्या साहसी कथांचे प्रकाशन
1881किंग्स कॉलेज (कोलंबिया विद्यापीठ) स्थापना
1754जागतिक चॉकलेट दिन
जागतिक क्षमा दिन
इंग्रजी शिक्षण
शिका →विषय: क्षमता आणि मित्र भेट
मोडल व्हर्ब्स: Can (क्षमता)
- Relax — आराम करना
- Available — उपलब्ध
- Gossip — गपशप
प्रश्नमंजुषा
खेळा →विशेष लेख (ब्लॉग)
सर्व पहा →
आदर्श परिपाठ के लिए १० महत्वपूर्ण टिप्स: स्कूली जीवन में अनुशासन और संस्कार
अपने स्कूल की सुबह की सभा (परिपाठ) को आदर्श, आकर्षक और अनुशासित बनाने के लिए 10 महत्वपूर्ण टिप्स जान...
⏱️ 15 min read
फिनिश लाइन के परे: खेलो इंडिया २०२६ में कबड्डी और खो-खो के जरिए 'सहवीर्यं करवावहै' का पुनरुत्थान
जानिए कैसे २०२६ के खेलो इंडिया स्वदेशी खेल 'सहवीर्यं करवावहै' जैसी प्राचीन गुरुकुल नैतिकता को पुनर्ज...
⏱️ 15 min read
प्रस्तावना से ग्रहों तक: कैसे अनुच्छेद 51A(h) — वैज्ञानिक दृष्टिकोण का संवैधानिक कर्तव्य — भारत के २०२६ के अंतरिक्ष मिशनों को शक्ति दे रहा है
जानें कि कैसे भारतीय संविधान के अनुच्छेद 51A(h) के तहत वैज्ञानिक दृष्टिकोण का मौलिक कर्तव्य गगनयान औ...
⏱️ 15 min read
स्कूल असेंबली (परिपाठ) के फायदे और छात्रों पर प्रभाव
स्कूल असेंबली या परिपाठ के छात्रों पर होने वाले मनोवैज्ञानिक और शैक्षिक लाभों को विस्तार से जानें। क...
⏱️ 15 min readशैक्षणिक खेळ
खेळा →साहित्य डाऊनलोड
मिळवा →सभा आवश्यकताएँ
सर्व पहा →Jana Gana Mana
National Anthemजन-गण-मन अधिनायक जय हे, भारत-भाग्य-विधाता। पंजाब-सिन्धु-गुजरात-मराठा, द्राविड़-उत्कल-बङ्ग। विन्ध्य-हिमाचल-यमुना-गङ्गा, उच्छल-जलधि-तरङ्ग। तव शुभ नामे जागे, तव शुभ आशिष मागे, गाहे तव जय-गाथा। जन-गण-मङ्गल-दायक जय हे, भारत-भाग्य-विधाता। जय हे, जय हे, जय हे, जय जय जय जय हे॥
National Pledge (Pratidnya / Pratigya)
National Pledgeभारत मेरा देश है। सब भारतवासी मेरे भाई-बहन हैं। मैं अपने देश से प्रेम करता हूँ और इसकी समृद्ध तथा विविध संस्कृति पर मुझे गर्व है। मैं सदा इसका सुयोग्य अधिकारी बनने का प्रयत्न करता रहूँगा। मैं अपने माता-पिता, शिक्षकों एवं गुरुजनों का सम्मान करूँगा और हर किसी के साथ विनीत रहूँगा। मैं अपने देश और देशवासियों के प्रति सत्यनिष्ठा की प्रतिज्ञा करता हूँ। उनके कल्याण और समृद्धि में ही मेरा सुख निहित है।
Preamble to the Constitution of India (Sanvidhan)
National Constitution Preambleहम, भारत के लोग, भारत को एक संपूर्ण प्रभुत्व-संपन्न, समाजवादी, पंथनिरपेक्ष, लोकतंत्रात्मक गणराज्य बनाने के लिए, तथा उसके समस्त नागरिकों को: सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय, विचार, अभिव्यक्ति, विश्वास, धर्म और उपासना की स्वतंत्रता, प्रतिष्ठा और अवसर की समता, प्राप्त कराने के लिए, तथा उन सब में व्यक्ति की गरिमा और राष्ट्र की एकता और अखंडता सुनिश्चित करने वाली बंधुता बढ़ाने के लिए दृढ़संकल्प होकर अपनी इस संविधान सभा में आज तारीख 26 नवम्बर 1949 ई॰ को एतद्द्वारा इस संविधान को अंगीकृत, अधिनियमित और आत्मार्पित करते हैं।
Vande Mataram
National Songवन्दे मातरम्। सुजलां सुफलां मलयजशीतलाम्, शस्यश्यामलां मातरम्। शुभ्रज्योत्स्नापुलकितयामिनीं, फुल्लकुसुमितद्रुमदलशोभिनीं, सुहासिनीं सुमधुर भाषिणीं, सुखदां वरदां मातरम्॥