परिपाठ — महाराष्ट्रातील शाळांसाठी दैनंदिन शालेय परिपाठ
दररोजचा सुविचार, दिनविशेष, पंचांग, बातम्या, प्रार्थना, बोधकथा आणि शैक्षणिक साहित्य — सर्व एकाच ठिकाणी
आजचे विशेष
रविवार, 05 जुलै 2026सुविचार
→❝ पहले किया, फिर बताया। ❞
उपदेश देने से पहले स्वयं उसका पालन करें।
पंचांग
→संस्कृत सुभाषित
सर्व पहा →म्हणोनि कर्म तरी कीजे । परि तें कर्मातीत होईजे । जैसें जळीं जळ न भिजे । पद्मपत्र ॥ १२२ ॥
📖 विस्तार →म्हणून कर्म तर करावे, पण त्या कर्माच्या बंधनात अडकू नये. ज्याप्रमाणे कमळाचे पान पाण्यात असूनही पाण्याने भिजत नाही, त्याप्रमाणे कर्मात राहूनही अलिप्त राहावे.
म्हणौनि कर्मे तरी कीजती। परि तीं कर्तेपणा न येती। जैशीं बीजें भाजिलीं सतीं। न रुजती पुन्हा॥
📖 विस्तार →ज्याप्रमाणे भाजलेले बी पुन्हा पेरले तरी उगवत नाही, त्याप्रमाणे ज्ञानी माणसाने केलेली कर्मे त्याला कर्माच्या बंधनात अडकवत नाहीत.
दिन विशेष 30
सर्व पहा →
कारगिल युद्ध: भारतीय सैन्याने 'टायगर हिल' सर केले
1999
डॉली मेंढीचा जन्म (पहिले क्लोन केलेले सस्तन प्राणी)
1996
पी. व्ही. सिंधू यांचा जन्म
1995
भारतीय स्वातंत्र्य विधेयक ब्रिटीश संसदेत सादर
1947
आयझॅक न्यूटन यांनी 'प्रिन्सिपिया मॅथेमॅटिका' प्रकाशित केले
1687नथु ला पास पुन्हा खुला
2006बाळासाहेब सावंत यांचे निधन
2005मार्टिना हिंगिसने विम्बल्डन जिंकले
1997जानकी रामचंद्रन यांचे निधन
1996ॲमेझॉन कंपनीची स्थापना
1994पाकिस्तानमध्ये लष्करी उठाव
1977केप वर्देचा स्वातंत्र्य दिन
1975अल्जेरियाचा स्वातंत्र्य दिन
1962राज्यसभेचे नामकरण झाले
1954एल्विस प्रेस्लीचे पहिले रेकॉर्डिंग
1954इस्रायलचा 'लॉ ऑफ रिटर्न' मंजूर
1950बिकिनी स्विमसूटचा परिचय
1946विन्स्टन चर्चिल यांनी निवडणूक गमावली
1945विमल मुंदडा यांचा जन्म
1941रमाकांत देसाई यांचा जन्म
1936ऑलिव्हिएरा सालाझार पोर्तुगालचे पंतप्रधान बनले
1932पु. ना. ओक यांचा जन्म
1928डॉ. एस. आर. रामास्वामी यांचा जन्म
1921जॉर्ज डी हेवेसी यांचा जन्म
1918जॉर्जेस पॉम्पिडू यांचा जन्म
1911अर्न्स्ट मायर यांचा जन्म
1904ऑस्ट्रेलियाच्या घटनेला मंजुरी
1900हजरत इनायत खान यांचा जन्म
1882सेसिल रोड्स यांचा जन्म
1853पी. टी. बार्नम यांचा जन्म
1810इंग्रजी शिक्षण
शिका →विषय: दिवस १७: शब्दयोगी अव्यये आणि मित्राची भेट
स्थळवाचक शब्दयोगी अव्यये (In, On, At)
- Famous — प्रसिद्ध
- Library — पुस्तकालय
- Near — पास
प्रश्नमंजुषा
खेळा →विशेष लेख (ब्लॉग)
सर्व पहा →किशोर कुमार: अष्टपैलू प्रतिभेचा बादशाह!
भारतीय सिनेसृष्टीतील एक असाधारण व्यक्तिमत्व म्हणजे किशोर कुमार. त्यांच्या अष्टपैलू प्रतिभेने त्यांनी...
⏱️ 9 min read
हम्पी के 'डिजिटल ट्विन्स': ३डी लेजर स्कैनिंग और वीआर के माध्यम से विजयनगर साम्राज्य की खोज
जानिए कैसे ३डी लेजर स्कैनिंग और वीआर तकनीक विजयनगर साम्राज्य की राजधानी हम्पी को डिजिटल रूप में पुनर...
⏱️ 20 min read
अल्लूरी सीताराम राजू से नेतृत्व के सबक: मन्यम वीरूडू की रणनीतिक प्रतिभा
अल्लूरी सीताराम राजू, 'मन्यम वीरूडू' की रणनीतिक प्रतिभा को जानें। जानें क्यों उनका आदिवासी सशक्तिकरण...
⏱️ 15 min read
ग्रैंड एनीकट (कल्लनई): चोल राजवंश के 2,000 साल पुराने इंजीनियरिंग रहस्यों का खुलासा
ग्रैंड एनीकट (कल्लनई) के 2,000 साल पुराने इंजीनियरिंग रहस्यों को जानें, जो चोल राजवंश द्वारा निर्मित...
⏱️ 12 min readशैक्षणिक खेळ
खेळा →साहित्य डाऊनलोड
मिळवा →सभा आवश्यकताएँ
सर्व पहा →Jana Gana Mana
National Anthemजन-गण-मन अधिनायक जय हे, भारत-भाग्य-विधाता। पंजाब-सिन्धु-गुजरात-मराठा, द्राविड़-उत्कल-बङ्ग। विन्ध्य-हिमाचल-यमुना-गङ्गा, उच्छल-जलधि-तरङ्ग। तव शुभ नामे जागे, तव शुभ आशिष मागे, गाहे तव जय-गाथा। जन-गण-मङ्गल-दायक जय हे, भारत-भाग्य-विधाता। जय हे, जय हे, जय हे, जय जय जय जय हे॥
National Pledge (Pratidnya / Pratigya)
National Pledgeभारत मेरा देश है। सब भारतवासी मेरे भाई-बहन हैं। मैं अपने देश से प्रेम करता हूँ और इसकी समृद्ध तथा विविध संस्कृति पर मुझे गर्व है। मैं सदा इसका सुयोग्य अधिकारी बनने का प्रयत्न करता रहूँगा। मैं अपने माता-पिता, शिक्षकों एवं गुरुजनों का सम्मान करूँगा और हर किसी के साथ विनीत रहूँगा। मैं अपने देश और देशवासियों के प्रति सत्यनिष्ठा की प्रतिज्ञा करता हूँ। उनके कल्याण और समृद्धि में ही मेरा सुख निहित है।
Preamble to the Constitution of India (Sanvidhan)
National Constitution Preambleहम, भारत के लोग, भारत को एक संपूर्ण प्रभुत्व-संपन्न, समाजवादी, पंथनिरपेक्ष, लोकतंत्रात्मक गणराज्य बनाने के लिए, तथा उसके समस्त नागरिकों को: सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय, विचार, अभिव्यक्ति, विश्वास, धर्म और उपासना की स्वतंत्रता, प्रतिष्ठा और अवसर की समता, प्राप्त कराने के लिए, तथा उन सब में व्यक्ति की गरिमा और राष्ट्र की एकता और अखंडता सुनिश्चित करने वाली बंधुता बढ़ाने के लिए दृढ़संकल्प होकर अपनी इस संविधान सभा में आज तारीख 26 नवम्बर 1949 ई॰ को एतद्द्वारा इस संविधान को अंगीकृत, अधिनियमित और आत्मार्पित करते हैं।
Vande Mataram
National Songवन्दे मातरम्। सुजलां सुफलां मलयजशीतलाम्, शस्यश्यामलां मातरम्। शुभ्रज्योत्स्नापुलकितयामिनीं, फुल्लकुसुमितद्रुमदलशोभिनीं, सुहासिनीं सुमधुर भाषिणीं, सुखदां वरदां मातरम्॥