परिपाठ
दैनिक परिपाठ — सुविचार, पंचांग, दिन विशेष, संस्कृत सुभाषित, बोधकथा और बहुत कुछ एक ही जगह।
आजचे विशेष
मंगळवार, 09 जून 2026सुविचार
→❝ सच्चा धर्म संसार को प्रेम देना है। ❞
सच्चा धर्म वही है जो दुनिया को प्यार दे।
पंचांग
→आज का व्यक्तित्व
सर्व पहा →
लक्ष्मणराव किर्लोस्कर
लक्ष्मणराव किर्लोस्कर एक भारतीय उद्योगपति थे जिन्होंने किर्लोस्कर समूह की स्थापना की, जो भारत के सबसे बड़े इंजीनियरिंग समूहों में से एक है। उन्हें महाराष्ट्र में औद्योगिक क्रांति क...
सविस्तर माहिती वाचा →संस्कृत सुभाषित
सर्व पहा →म्हणून जे योग्य कर्म आहे आणि जे विहित धर्म आहेत, तेच फळाची आशा सोडून उत्तम प्रकारे करावेत.
📖 विस्तार →म्हणून जे काम करणे योग्य आहे आणि जे आपल्या कर्तव्याला धरून आहे, तेच काम फळाची अपेक्षा न ठेवता चांगल्या प्रकारे करावे.
जैसा कवणु एकु कल्लोळु | आपणयांतें म्हणे मी केवळु | तो जळीं जळुचि मिसळु | जाहला कीं ना ॥ २२२ ॥
📖 विस्तार →ज्याप्रमाणे समुद्रातील एखादी लाट स्वतःला वेगळी समजते, पण शेवटी ती पाण्यातच मिसळून जाते आणि पाणीच होते, तसेच ज्ञानी पुरुष स्वतःला ब्रह्मापासून वेगळे समजत नाही.
दिन विशेष 28
सर्व पहा →
एम. एफ. हुसेन यांचे निधन
2011
लाल बहादूर शास्त्री भारताचे दुसरे पंतप्रधान बनले
1964
किरण बेदी जन्म
1949
पंडित वसंतराव देशपांडे जन्म
1923
बिरसा मुंडा पुण्यतिथी
1900मिताली राजची निवृत्ती
2022आंतरराष्ट्रीय अभिलेखागार दिन
2009१८ व्या फिफा विश्वचषकाचा प्रारंभ
2006धनुष्य क्षेपणास्त्राची यशस्वी चाचणी
2001जागतिक अधिस्वीकृती दिन
1995राज खोसला यांचे निधन
1991इंदिरा गांधी आंतरराष्ट्रीय विमानतळ लोकार्पण
1986सोनम कपूर जन्म
1985नताली पोर्टमॅन जन्म
1981अमीषा पटेल जन्म
1975सतीश राजवाडे जन्म
1973दिनानाथ दलाल स्मृतीदिन
1971जॉनी डेप जन्म
1963चंद्रशेखर आगाशे पुण्यतिथी
1956अर्जुन सिंह जन्म
1941ऑल इंडिया रेडिओचे नामकरण
1936डोनाल्ड डकचे पडद्यावर पदार्पण
1934नंदिनी सत्पथी जन्म
1931लक्ष्मणराव किर्लोस्कर यांचा औद्योगिक प्रवास सुरू
1891चार्ल्स डिकन्स निधन
1870अमरचंद बांठिया बलिदान दिन
1858बंदा सिंह बहादूर बलिदान
1716औरंगजेबचा राज्याभिषेक
1659मुहावरे
"अति शहाणा त्याचा बैल रिकामा"
💬 जो माणूस गरजेपेक्षा जास्त हुशारी दाखवतो, त्याचे काम कधीच पूर्ण होत नाही.
📝 रमेशने स्वतःच्या बुद्धीने घरातील सर्व नळ दुरुस्त करण्याचा प्रयत्न केला, पण शेवटी पाणी जास्तच गळू लागले; म्हणूनच म्हणतात, अति शहाणा त्याचा बैल रिकामा.
इंग्रजी शिक्षण
शिका →विषय: दिवस १२: घर आणि शब्दयोगी अव्यये
स्थळदर्शक शब्दयोगी अव्यये (आत, वर, खाली)
- Kitchen — रसोई
- Shelf — अल्मारी की ताक
- Drawer — दराज़
प्रश्नमंजुषा
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सर्व पहा →Jana Gana Mana
National Anthemजन-गण-मन अधिनायक जय हे, भारत-भाग्य-विधाता। पंजाब-सिन्धु-गुजरात-मराठा, द्राविड़-उत्कल-बङ्ग। विन्ध्य-हिमाचल-यमुना-गङ्गा, उच्छल-जलधि-तरङ्ग। तव शुभ नामे जागे, तव शुभ आशिष मागे, गाहे तव जय-गाथा। जन-गण-मङ्गल-दायक जय हे, भारत-भाग्य-विधाता। जय हे, जय हे, जय हे, जय जय जय जय हे॥
National Pledge (Pratidnya / Pratigya)
National Pledgeभारत मेरा देश है। सब भारतवासी मेरे भाई-बहन हैं। मैं अपने देश से प्रेम करता हूँ और इसकी समृद्ध तथा विविध संस्कृति पर मुझे गर्व है। मैं सदा इसका सुयोग्य अधिकारी बनने का प्रयत्न करता रहूँगा। मैं अपने माता-पिता, शिक्षकों एवं गुरुजनों का सम्मान करूँगा और हर किसी के साथ विनीत रहूँगा। मैं अपने देश और देशवासियों के प्रति सत्यनिष्ठा की प्रतिज्ञा करता हूँ। उनके कल्याण और समृद्धि में ही मेरा सुख निहित है।
Preamble to the Constitution of India (Sanvidhan)
National Constitution Preambleहम, भारत के लोग, भारत को एक संपूर्ण प्रभुत्व-संपन्न, समाजवादी, पंथनिरपेक्ष, लोकतंत्रात्मक गणराज्य बनाने के लिए, तथा उसके समस्त नागरिकों को: सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय, विचार, अभिव्यक्ति, विश्वास, धर्म और उपासना की स्वतंत्रता, प्रतिष्ठा और अवसर की समता, प्राप्त कराने के लिए, तथा उन सब में व्यक्ति की गरिमा और राष्ट्र की एकता और अखंडता सुनिश्चित करने वाली बंधुता बढ़ाने के लिए दृढ़संकल्प होकर अपनी इस संविधान सभा में आज तारीख 26 नवम्बर 1949 ई॰ को एतद्द्वारा इस संविधान को अंगीकृत, अधिनियमित और आत्मार्पित करते हैं।
Vande Mataram
National Songवन्दे मातरम्। सुजलां सुफलां मलयजशीतलाम्, शस्यश्यामलां मातरम्। शुभ्रज्योत्स्नापुलकितयामिनीं, फुल्लकुसुमितद्रुमदलशोभिनीं, सुहासिनीं सुमधुर भाषिणीं, सुखदां वरदां मातरम्॥