परिपाठ
दैनिक परिपाठ — सुविचार, पंचांग, दिन विशेष, संस्कृत सुभाषित, बोधकथा और बहुत कुछ एक ही जगह।
आजचे विशेष
शनिवार, 06 जून 2026सुविचार
→❝ शिक्षा के बिना मति चली गई। ❞
शिक्षा के बिना बुद्धि गई, बुद्धि के बिना नीति गई, नीति के बिना गति गई।
पंचांग
→आज का व्यक्तित्व
सर्व पहा →
सुनील दत्त
प्रसिद्ध भारतीय अभिनेता, निर्माता और राजनीतिज्ञ, जिन्होंने युवा मामले और खेल मंत्री के रूप में कार्य किया।
सविस्तर माहिती वाचा →संस्कृत सुभाषित
सर्व पहा →तंव तिये सैन्ये दोन्ही । देखिली अर्जुने नयनीं । गोत्रज आणि आप्त जनीं । भरलीं आहाती ॥ २७ ॥
📖 विस्तार →तेव्हा अर्जुनाने आपल्या डोळ्यांनी दोन्ही सैन्यांकडे पाहिले, तेव्हा त्याला तिथे आपलेच नातेवाईक आणि जवळची माणसे भरलेली दिसली.
म्हणोनि अर्जुना ऐकें । हें ज्ञान जरी फावलें निकें । तरी मोह हा कवणें विखें । उरेल तुज ॥ ११९ ॥
📖 विस्तार →म्हणून अर्जुना ऐक, जर तुला हे आत्मज्ञान चांगल्या प्रकारे प्राप्त झाले, तर तुला कोणत्याही प्रकारचा मोह किंवा भ्रम उरणार नाही.
दिन विशेष 27
सर्व पहा →
ऑपरेशन ब्लू स्टारची समाप्ती
1984
डी-डे (D-Day): नॉर्मंडी लँडिंग
1944
सुनील दत्त यांचा जन्म
1929
छत्रपती शिवाजी महाराज यांचा राज्याभिषेक
1674GSLV Mk III-D1 चे यशस्वी प्रक्षेपण
2017शुक्राचे अधिक्रमण (Transit of Venus)
2012तमिळ भाषेला अभिजात भाषेचा दर्जा
2004शांती दवे (चित्रकार) यांचा गौरव दिन
2002मजहर खान यांचे निधन
1998बिम्सटेकची (BIMSTEC) स्थापना
1997नेहा कक्कर हिचा जन्म
1988पंडित बेचरदास दोशी यांचे निधन
1986टेट्रिस (Tetris) गेम प्रदर्शित
1985इस्रायलचे लेबनॉनवर आक्रमण
1982बिहार रेल्वे अपघात
1981एरिक पार्ट्रिज यांचे निधन
1974रॉबर्ट एफ. केनेडी यांचे निधन
1968ब्यॉर्न बोर्ग यांचा जन्म
1956थॉमस मान यांचे निधन
1955NBA ची पूर्ववर्ती संस्था BAA ची स्थापना
1946डी. रामानायडू यांचा जन्म
1936व्ही. सी. कुलंदैस्वामी यांचा जन्म
1923हमानी सहानी यांचा जन्म
1916निरंजन भगत यांचा जन्म
1911सुकर्णो यांचा जन्म
1901मुंबईतील भीषण चक्रीवादळ
1882YMCA संस्थेची स्थापना
1844मुहावरे
"अंथरूण पाहून पाय पसरावे"
💬 आपल्या ऐपतीनुसार किंवा परिस्थितीनुसार खर्च करावा.
📝 कर्ज काढून नवीन कार घेण्यापेक्षा अंथरूण पाहून पाय पसरावे, हेच शहाणपणाचे लक्षण आहे.
इंग्रजी शिक्षण
शिका →विषय: क्षमता आणि मित्र भेट
मोडल व्हर्ब्स: Can (क्षमता)
- Relax — आराम करना
- Available — उपलब्ध
- Gossip — गपशप
प्रश्नमंजुषा
खेळा →विशेष लेख (ब्लॉग)
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हम नए दिशानिर्देश, प्रार्थना सभा टिप्स और समाचार विश्लेषण लिख रहे हैं। जल्द ही मिलेंगे!
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सर्व पहा →Jana Gana Mana
National Anthemजन-गण-मन अधिनायक जय हे, भारत-भाग्य-विधाता। पंजाब-सिन्धु-गुजरात-मराठा, द्राविड़-उत्कल-बङ्ग। विन्ध्य-हिमाचल-यमुना-गङ्गा, उच्छल-जलधि-तरङ्ग। तव शुभ नामे जागे, तव शुभ आशिष मागे, गाहे तव जय-गाथा। जन-गण-मङ्गल-दायक जय हे, भारत-भाग्य-विधाता। जय हे, जय हे, जय हे, जय जय जय जय हे॥
National Pledge (Pratidnya / Pratigya)
National Pledgeभारत मेरा देश है। सब भारतवासी मेरे भाई-बहन हैं। मैं अपने देश से प्रेम करता हूँ और इसकी समृद्ध तथा विविध संस्कृति पर मुझे गर्व है। मैं सदा इसका सुयोग्य अधिकारी बनने का प्रयत्न करता रहूँगा। मैं अपने माता-पिता, शिक्षकों एवं गुरुजनों का सम्मान करूँगा और हर किसी के साथ विनीत रहूँगा। मैं अपने देश और देशवासियों के प्रति सत्यनिष्ठा की प्रतिज्ञा करता हूँ। उनके कल्याण और समृद्धि में ही मेरा सुख निहित है।
Preamble to the Constitution of India (Sanvidhan)
National Constitution Preambleहम, भारत के लोग, भारत को एक संपूर्ण प्रभुत्व-संपन्न, समाजवादी, पंथनिरपेक्ष, लोकतंत्रात्मक गणराज्य बनाने के लिए, तथा उसके समस्त नागरिकों को: सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय, विचार, अभिव्यक्ति, विश्वास, धर्म और उपासना की स्वतंत्रता, प्रतिष्ठा और अवसर की समता, प्राप्त कराने के लिए, तथा उन सब में व्यक्ति की गरिमा और राष्ट्र की एकता और अखंडता सुनिश्चित करने वाली बंधुता बढ़ाने के लिए दृढ़संकल्प होकर अपनी इस संविधान सभा में आज तारीख 26 नवम्बर 1949 ई॰ को एतद्द्वारा इस संविधान को अंगीकृत, अधिनियमित और आत्मार्पित करते हैं।
Vande Mataram
National Songवन्दे मातरम्। सुजलां सुफलां मलयजशीतलाम्, शस्यश्यामलां मातरम्। शुभ्रज्योत्स्नापुलकितयामिनीं, फुल्लकुसुमितद्रुमदलशोभिनीं, सुहासिनीं सुमधुर भाषिणीं, सुखदां वरदां मातरम्॥