परिपाठ — महाराष्ट्रातील शाळांसाठी दैनंदिन शालेय परिपाठ
दररोजचा सुविचार, दिनविशेष, पंचांग, बातम्या, प्रार्थना, बोधकथा आणि शैक्षणिक साहित्य — सर्व एकाच ठिकाणी
आजचे विशेष
गुरुवार, 04 जून 2026सुविचार
→❝ प्रयास करने से रेत से भी तेल निकल सकता है। ❞
कठोर परिश्रम से असंभव भी संभव हो जाता है।
पंचांग
→संस्कृत सुभाषित
सर्व पहा →म्हणोनि बाह्य हे विषय । सांडूनि जे निःसंशय । अंतरीं होती सदय । आत्मबोधीं ॥
📖 विस्तार →म्हणून जे लोक बाहेरील विषयांचा (इंद्रिय सुखांचा) त्याग करून, मनात कोणतीही शंका न ठेवता, आत्मज्ञानामध्ये मग्न होतात.
म्हणोनि समर्थें जे कीजे । तें इतरींही अनुष्ठिजे । तेंचि प्रमाण मानिजे । साधारणें ॥
📖 विस्तार →म्हणून श्रेष्ठ माणसे जे काही करतात, त्याचेच इतर लोकही अनुकरण करतात. श्रेष्ठ लोक ज्या गोष्टीला प्रमाण मानतात, त्याचेच सामान्य लोक पालन करतात.
दिन विशेष 30
सर्व पहा →
तियानमेन चौक हत्याकांड (चीन)
1989
ऑपरेशन ब्लू स्टार: अमृतसरमध्ये गोळीबार तीव्र
1984
राजेंद्र सिंह (भारताचे जलपुरुष) यांचा जन्म
1958
माउंटबॅटन यांची ऐतिहासिक पत्रकार परिषद
1947
प्रसिद्ध गायक एस. पी. बालसुब्रमण्यम यांचा जन्म
1946
प्रसिद्ध अभिनेत्री नूतन यांचा जन्म
1936प्रसिद्ध कथाकार अरविंद गोखले यांचे निधन
2015संसदेतील सावरकरांच्या तैलचित्रावरून वाद
2004नेपाळचे राजे दीपेंद्र यांचा मृत्यू
2001मराठी नृत्यांगना मधुमती यांचे निधन
1993भारतीय हॉकीपटू संदीप सिंह यांचा जन्म
1986सदोबा पाटील (एस. के. पाटील) यांचे निधन
1982हॉलिवूड अभिनेत्री एंजेलिना जोली हिचा जन्म
1975टोंगा देशाला स्वातंत्र्य मिळाले
1970ज्येष्ठ अभिनेते टिकू तलसानिया यांचा जन्म
1961सी. राजगोपालाचारी यांनी 'स्वतंत्र पक्षा'ची स्थापना केली
1959उद्योजक अनिल अंबानी यांचा जन्म
1959दोस्त राष्ट्रांच्या सैन्याकडून रोम मुक्त
1944मिडवेच्या युद्धाला सुरुवात
1942डंकर्क येथील सैन्य माघार पूर्ण
1940डॉ. जनार्दन वाघमारे यांचा जन्म
1931अमेरिकेत महिलांना मतदानाचा अधिकार
1919पहिल्या पुलित्झर पुरस्कारांचे वितरण
1917नोबेल विजेते रॉबर्ट फर्चगॉट यांचा जन्म
1916प्रसिद्ध उद्योजक बी. जी. शिर्के यांचा जन्म
1911एस. निजलिंगप्पा यांचा जन्म
1911भगत पुरण सिंह यांचा जन्म
1904हेन्री फोर्ड यांची पहिली कार यशस्वीरित्या धावली
1896गरम हवेच्या फुग्याचे पहिले सार्वजनिक प्रदर्शन
1783आक्रमकतेचा बळी ठरलेल्या निष्पाप मुलांचा आंतरराष्ट्रीय दिवस
इंग्रजी शिक्षण
शिका →विषय: दिशा विचारणे आणि आज्ञार्थी वाक्ये
आज्ञार्थी वाक्ये
- straight — सीधा
- corner — कोना
- opposite — सामने
प्रश्नमंजुषा
खेळा →विशेष लेख (ब्लॉग)
सर्व पहा →अनेक भाषांची शक्ती: भारताची भाषिक विविधता आणि जागतिक भाषांचा उत्सव
२६ सप्टेंबर रोजी साजरा होणाऱ्या जागतिक भाषा दिनानिमित्त, आपण भाषिक विविधतेचे महत्त्व आणि भारताच्या अ...
⏱️ 9 min read
पी. टी. उषा: भारतीय एथलेटिक्स की 'गोल्डन गर्ल' की पूरी जीवनी
पय्योली एक्सप्रेस पी. टी. उषा के जीवन की प्रेरक कहानी। उनके बचपन के संघर्षों से लेकर 1984 के ओलंपिक ...
⏱️ 15 min read
गणपति उत्सव और बच्चों की मस्ती: संस्कार और आनंद का अद्भुत मेल
गणपति उत्सव बच्चों के जीवन में न केवल खुशियाँ लाता है, बल्कि उन्हें टीम वर्क, अनुशासन और पर्यावरण सं...
⏱️ 15 min read
हम्पी के 'डिजिटल ट्विन्स': ३डी लेजर स्कैनिंग और वीआर के माध्यम से विजयनगर साम्राज्य की खोज
जानिए कैसे ३डी लेजर स्कैनिंग और वीआर तकनीक विजयनगर साम्राज्य की राजधानी हम्पी को डिजिटल रूप में पुनर...
⏱️ 20 min readशैक्षणिक खेळ
खेळा →साहित्य डाऊनलोड
मिळवा →सभा आवश्यकताएँ
सर्व पहा →Jana Gana Mana
National Anthemजन-गण-मन अधिनायक जय हे, भारत-भाग्य-विधाता। पंजाब-सिन्धु-गुजरात-मराठा, द्राविड़-उत्कल-बङ्ग। विन्ध्य-हिमाचल-यमुना-गङ्गा, उच्छल-जलधि-तरङ्ग। तव शुभ नामे जागे, तव शुभ आशिष मागे, गाहे तव जय-गाथा। जन-गण-मङ्गल-दायक जय हे, भारत-भाग्य-विधाता। जय हे, जय हे, जय हे, जय जय जय जय हे॥
National Pledge (Pratidnya / Pratigya)
National Pledgeभारत मेरा देश है। सब भारतवासी मेरे भाई-बहन हैं। मैं अपने देश से प्रेम करता हूँ और इसकी समृद्ध तथा विविध संस्कृति पर मुझे गर्व है। मैं सदा इसका सुयोग्य अधिकारी बनने का प्रयत्न करता रहूँगा। मैं अपने माता-पिता, शिक्षकों एवं गुरुजनों का सम्मान करूँगा और हर किसी के साथ विनीत रहूँगा। मैं अपने देश और देशवासियों के प्रति सत्यनिष्ठा की प्रतिज्ञा करता हूँ। उनके कल्याण और समृद्धि में ही मेरा सुख निहित है।
Preamble to the Constitution of India (Sanvidhan)
National Constitution Preambleहम, भारत के लोग, भारत को एक संपूर्ण प्रभुत्व-संपन्न, समाजवादी, पंथनिरपेक्ष, लोकतंत्रात्मक गणराज्य बनाने के लिए, तथा उसके समस्त नागरिकों को: सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय, विचार, अभिव्यक्ति, विश्वास, धर्म और उपासना की स्वतंत्रता, प्रतिष्ठा और अवसर की समता, प्राप्त कराने के लिए, तथा उन सब में व्यक्ति की गरिमा और राष्ट्र की एकता और अखंडता सुनिश्चित करने वाली बंधुता बढ़ाने के लिए दृढ़संकल्प होकर अपनी इस संविधान सभा में आज तारीख 26 नवम्बर 1949 ई॰ को एतद्द्वारा इस संविधान को अंगीकृत, अधिनियमित और आत्मार्पित करते हैं।
Vande Mataram
National Songवन्दे मातरम्। सुजलां सुफलां मलयजशीतलाम्, शस्यश्यामलां मातरम्। शुभ्रज्योत्स्नापुलकितयामिनीं, फुल्लकुसुमितद्रुमदलशोभिनीं, सुहासिनीं सुमधुर भाषिणीं, सुखदां वरदां मातरम्॥