परिपाठ — महाराष्ट्रातील शाळांसाठी दैनंदिन शालेय परिपाठ
दररोजचा सुविचार, दिनविशेष, पंचांग, बातम्या, प्रार्थना, बोधकथा आणि शैक्षणिक साहित्य — सर्व एकाच ठिकाणी
आजचे विशेष
सोमवार, 01 जून 2026सुविचार
→❝ दुःख सुख का मूल्य समझाता है। ❞
दुःख सुख के स्वाद को बढ़ाता है।
पंचांग
→आज का व्यक्तित्व
सर्व पहा →
के. ए. अब्बास
हिंदी, उर्दू और अंग्रेजी के एक बहुमुखी फिल्म निर्देशक, पटकथा लेखक, उपन्यासकार और पत्रकार।
सविस्तर माहिती वाचा →संस्कृत सुभाषित
सर्व पहा →म्हणोनि तोचि स्थिरप्रज्ञु । जो इंद्रियांसी अजिंक्यु । जयाचा हातु न लगे विषयविषु । तोचि पूर्णु ॥ ३६५ ॥
📖 विस्तार →म्हणून तोच खरा स्थिर बुद्धीचा माणूस आहे, ज्याने आपल्या इंद्रियांवर पूर्ण विजय मिळवला आहे आणि ज्याला विषयांच्या (मोहाच्या) विषाची बाधा होत नाही. तोच पूर्ण पुरुष आहे.
म्हणोनि समर्थें जे जे कीजे । तें तें लोकीं प्रमाण मानिजे । मग सामान्येंही अनुष्ठिजे । तेंचि मार्गें ॥
📖 विस्तार →म्हणून थोर किंवा सामर्थ्यवान माणसे जे जे काही करतात, त्यालाच लोक प्रमाण (आदर्श) मानतात आणि मग सामान्य लोकही त्याच मार्गाचे अनुसरण करतात.
दिन विशेष 25
सर्व पहा →
महाराष्ट्र राज्य परिवहन (ST) बसचा प्रारंभ
1948
डेक्कन क्वीन एक्सप्रेसचा प्रारंभ
1930
नर्गिस दत्त यांचा जन्म
1929जागतिक दुग्ध दिन
2024जागतिक पालक दिन
2024पं. पी. एस. पुंगावकर यांचे निधन
2005नेपाळ राजघराण्यातील हत्याकांड
2001एच. डी. देवेगौडा यांनी पंतप्रधानपदाची शपथ घेतली
1996नीलम संजीव रेड्डी यांचे निधन
1996ख्वाजा अहमद अब्बास यांचे निधन
1987ऑपरेशन ब्लू स्टारचा प्रारंभ
1984ॲडमिरल आर. डी. कटारी यांचे निधन
1980अंतराळ आयोगाची स्थापना
1972आर. माधवन यांचा जन्म
1970मणी रत्नम यांचा जन्म
1963अस्पृश्यता निवारण कायदा लागू
1955सुरेश प्रभू यांचा जन्म
1953डॉ. तात्याराव लहाने यांचा जन्म
1945दाजी भाटवडेकर यांचा जन्म
1934मॅरिलिन मन्रो यांचा जन्म
1926श्रींत मालोजीराव नाईक निंबाळकर यांचा जन्म
1916दिनानाथ दलाल यांचा जन्म
1904ईस्ट इंडिया कंपनी अधिकृतपणे बरखास्त
1874सत्येंद्रनाथ टागोर यांचा जन्म
1842कलकत्ता मेडिकल कॉलेजचे कामकाज सुरू
1835इंग्रजी शिक्षण
शिका →विषय: मित्राला भेटणे आणि आज्ञार्थी वाक्ये
आज्ञार्थी वाक्ये (वाक्यांचे प्रकार)
- pleasant — सुखद
- gather — इकट्ठा करना
- reminisce — पुरानी यादें ताजा करना
प्रश्नमंजुषा
खेळा →विशेष लेख (ब्लॉग)
सर्व पहा →नेल्सन मंडेला: स्वातंत्र्याचा शिल्पकार आणि शांततेचा दूत
नेल्सन मंडेला यांचे जीवन म्हणजे न्याय, शांतता आणि समानतेसाठीच्या संघर्षाची एक प्रेरणादायी गाथा आहे. ...
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पी. टी. उषा: भारतीय एथलेटिक्स की 'गोल्डन गर्ल' की पूरी जीवनी
पय्योली एक्सप्रेस पी. टी. उषा के जीवन की प्रेरक कहानी। उनके बचपन के संघर्षों से लेकर 1984 के ओलंपिक ...
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हम्पी के 'डिजिटल ट्विन्स': ३डी लेजर स्कैनिंग और वीआर के माध्यम से विजयनगर साम्राज्य की खोज
जानिए कैसे ३डी लेजर स्कैनिंग और वीआर तकनीक विजयनगर साम्राज्य की राजधानी हम्पी को डिजिटल रूप में पुनर...
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डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी: एक महान शिक्षाविद और राष्ट्रभक्त की जीवनी
डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के प्रेरणादायी जीवन के बारे में जानें, जिन्होंने भारतीय जनसंघ की स्थापना क...
⏱️ 25 min readशैक्षणिक खेळ
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सर्व पहा →Jana Gana Mana
National Anthemजन-गण-मन अधिनायक जय हे, भारत-भाग्य-विधाता। पंजाब-सिन्धु-गुजरात-मराठा, द्राविड़-उत्कल-बङ्ग। विन्ध्य-हिमाचल-यमुना-गङ्गा, उच्छल-जलधि-तरङ्ग। तव शुभ नामे जागे, तव शुभ आशिष मागे, गाहे तव जय-गाथा। जन-गण-मङ्गल-दायक जय हे, भारत-भाग्य-विधाता। जय हे, जय हे, जय हे, जय जय जय जय हे॥
National Pledge (Pratidnya / Pratigya)
National Pledgeभारत मेरा देश है। सब भारतवासी मेरे भाई-बहन हैं। मैं अपने देश से प्रेम करता हूँ और इसकी समृद्ध तथा विविध संस्कृति पर मुझे गर्व है। मैं सदा इसका सुयोग्य अधिकारी बनने का प्रयत्न करता रहूँगा। मैं अपने माता-पिता, शिक्षकों एवं गुरुजनों का सम्मान करूँगा और हर किसी के साथ विनीत रहूँगा। मैं अपने देश और देशवासियों के प्रति सत्यनिष्ठा की प्रतिज्ञा करता हूँ। उनके कल्याण और समृद्धि में ही मेरा सुख निहित है।
Preamble to the Constitution of India (Sanvidhan)
National Constitution Preambleहम, भारत के लोग, भारत को एक संपूर्ण प्रभुत्व-संपन्न, समाजवादी, पंथनिरपेक्ष, लोकतंत्रात्मक गणराज्य बनाने के लिए, तथा उसके समस्त नागरिकों को: सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय, विचार, अभिव्यक्ति, विश्वास, धर्म और उपासना की स्वतंत्रता, प्रतिष्ठा और अवसर की समता, प्राप्त कराने के लिए, तथा उन सब में व्यक्ति की गरिमा और राष्ट्र की एकता और अखंडता सुनिश्चित करने वाली बंधुता बढ़ाने के लिए दृढ़संकल्प होकर अपनी इस संविधान सभा में आज तारीख 26 नवम्बर 1949 ई॰ को एतद्द्वारा इस संविधान को अंगीकृत, अधिनियमित और आत्मार्पित करते हैं।
Vande Mataram
National Songवन्दे मातरम्। सुजलां सुफलां मलयजशीतलाम्, शस्यश्यामलां मातरम्। शुभ्रज्योत्स्नापुलकितयामिनीं, फुल्लकुसुमितद्रुमदलशोभिनीं, सुहासिनीं सुमधुर भाषिणीं, सुखदां वरदां मातरम्॥