परिपाठ — महाराष्ट्रातील शाळांसाठी दैनंदिन शालेय परिपाठ
दररोजचा सुविचार, दिनविशेष, पंचांग, बातम्या, प्रार्थना, बोधकथा आणि शैक्षणिक साहित्य — सर्व एकाच ठिकाणी
आजचे विशेष
बुधवार, 27 मे 2026सुविचार
→आजचे सुविचार उपलब्ध नाही
पंचांग
→संस्कृत सुभाषित
सर्व पहा →आणि कर्माच्या ठिकाणी अकर्म, जो गोंधळून न जाता पाहतो, तोच या जगात पुरुषोत्तम (श्रेष्ठ पुरुष) होय.
📖 विस्तार →जो माणूस काम करत असतानाही मनात शांत राहतो आणि आपण स्वतः काही करत नाही असे समजतो, तोच खरा श्रेष्ठ माणूस आहे.
जैसा पूर्ण जलाशयु । तो आपणचि आपण होय । तैसा तो निजसुखें । कोंदला असे ॥
📖 विस्तार →ज्याप्रमाणे एखादा पूर्ण भरलेला जलाशय स्वतःमध्येच तृप्त असतो, त्याप्रमाणे तो ज्ञानी पुरुष स्वतःच्याच आत्मसुखात पूर्णपणे भरलेला (तृप्त) असतो.
दिन विशेष 30
सर्व पहा →
सुनील दत्त यांचे निधन
2005
तर्कतीर्थ लक्ष्मणशास्त्री जोशी यांचे निधन
1994
पंडित जवाहरलाल नेहरू यांचे निधन
1964
नितीन गडकरी यांचा जन्म
1957नीलू फुले स्मृती
2010उमाकांत ठोमरे यांचे निधन
2004रामविलास शर्मा यांचे निधन
2000बी. व्ही. केसकर यांचे निधन
1999मिरा बेहन यांचे निधन
1988संदीप कुलकर्णी यांचा जन्म
1968रवी शास्त्री यांचा जन्म
1962हरिलाल गांधी यांचे निधन
1948बिस्मार्क या युद्धनौकेचा अंत
1941गोल्डन गेट ब्रिजचे उद्घाटन
1937शिकागो जागतिक मेळाव्याचे उद्घाटन
1933बापूसाहेब काळदाते यांचा जन्म
1931ओ. पी. नय्यर यांचा जन्म
1931क्रिसलर बिल्डिंगचे उद्घाटन
1930बिपान चंद्रा यांचा जन्म
1928वेदांतम सत्यनारायण सरमा यांचा जन्म
1924हेन्री किसिंजर यांचा जन्म
1923ख्रिस्तोफर ली यांचा जन्म
1922सी. एच. मोहम्मद कोया यांचा जन्म
1921कंदथिल मामन मापिळ्ळै यांचा जन्म
1919एस. एम. सिक्री यांचा जन्म
1912केंगल हनुमंतैया यांचा जन्म
1912लक्ष्मणराव भिडे यांचा जन्म
1910राचेल कार्सन यांचा जन्म
1907पी. डी. देवानंदन यांचा जन्म
1894सेंट पीटर्सबर्ग शहराची स्थापना
1703इंग्रजी शिक्षण
शिका →विषय: क्षमता दर्शवणे (Can चा वापर)
मोडल्स: Can आणि Cannot
- clean — साफ करना
- help — मदद करना
- study — पढ़ाई करना
प्रश्नमंजुषा
खेळा →विशेष लेख (ब्लॉग)
सर्व पहा →
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⏱️ 15 min readशैक्षणिक खेळ
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सर्व पहा →Jana Gana Mana
National Anthemजन-गण-मन अधिनायक जय हे, भारत-भाग्य-विधाता। पंजाब-सिन्धु-गुजरात-मराठा, द्राविड़-उत्कल-बङ्ग। विन्ध्य-हिमाचल-यमुना-गङ्गा, उच्छल-जलधि-तरङ्ग। तव शुभ नामे जागे, तव शुभ आशिष मागे, गाहे तव जय-गाथा। जन-गण-मङ्गल-दायक जय हे, भारत-भाग्य-विधाता। जय हे, जय हे, जय हे, जय जय जय जय हे॥
National Pledge (Pratidnya / Pratigya)
National Pledgeभारत मेरा देश है। सब भारतवासी मेरे भाई-बहन हैं। मैं अपने देश से प्रेम करता हूँ और इसकी समृद्ध तथा विविध संस्कृति पर मुझे गर्व है। मैं सदा इसका सुयोग्य अधिकारी बनने का प्रयत्न करता रहूँगा। मैं अपने माता-पिता, शिक्षकों एवं गुरुजनों का सम्मान करूँगा और हर किसी के साथ विनीत रहूँगा। मैं अपने देश और देशवासियों के प्रति सत्यनिष्ठा की प्रतिज्ञा करता हूँ। उनके कल्याण और समृद्धि में ही मेरा सुख निहित है।
Preamble to the Constitution of India (Sanvidhan)
National Constitution Preambleहम, भारत के लोग, भारत को एक संपूर्ण प्रभुत्व-संपन्न, समाजवादी, पंथनिरपेक्ष, लोकतंत्रात्मक गणराज्य बनाने के लिए, तथा उसके समस्त नागरिकों को: सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय, विचार, अभिव्यक्ति, विश्वास, धर्म और उपासना की स्वतंत्रता, प्रतिष्ठा और अवसर की समता, प्राप्त कराने के लिए, तथा उन सब में व्यक्ति की गरिमा और राष्ट्र की एकता और अखंडता सुनिश्चित करने वाली बंधुता बढ़ाने के लिए दृढ़संकल्प होकर अपनी इस संविधान सभा में आज तारीख 26 नवम्बर 1949 ई॰ को एतद्द्वारा इस संविधान को अंगीकृत, अधिनियमित और आत्मार्पित करते हैं।
Vande Mataram
National Songवन्दे मातरम्। सुजलां सुफलां मलयजशीतलाम्, शस्यश्यामलां मातरम्। शुभ्रज्योत्स्नापुलकितयामिनीं, फुल्लकुसुमितद्रुमदलशोभिनीं, सुहासिनीं सुमधुर भाषिणीं, सुखदां वरदां मातरम्॥